गाजियाबाद नगर निगम के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाते हुए शहर को 1 मिलियन डॉलर की सहायता मिलने जा रही है, जिसका उपयोग प्राकृतिक पेंट प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
यह फंड दो किस्तों में प्राप्त होगा और इसके प्रभावी उपयोग के लिए निगम अधिकारियों ने विस्तृत योजना तैयार करनी शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी उपलब्धि
यह उपलब्धि शहर के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
इससे न केवल गाजियाबाद की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है, बल्कि शहर के विकास कार्यों को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
ब्लूमबर्ग मेयर चैलेंज से मिला मौका
ब्लूमबर्ग मेयर चैलेंज में गाजियाबाद का नाम विश्व के टॉप 24 शहरों में शामिल होने के बाद इस परियोजना को गति मिली है।
इसी क्रम में न्यूयॉर्क से आई टीम ने नगर निगम पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक की और परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार की।
गोबर से बनेगा प्राकृतिक पेंट
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के अनुसार, इस फंड का मुख्य उद्देश्य शहर में गोबर के निस्तारण की समस्या का समाधान करना है।
अब बड़ी मात्रा में निकलने वाले गोबर का उपयोग प्राकृतिक पेंट बनाने में किया जाएगा, जिससे अपशिष्ट प्रबंधन की समस्या भी कम होगी।
शहर के पांचों जोन में लगाए जाएंगे प्लांट
नगर निगम की योजना है कि शहर के पांचों जोन में प्राकृतिक पेंट निर्माण के लिए अलग-अलग प्लांट लगाए जाएं।
इससे न केवल कचरे का सही उपयोग होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं को मिलेगा रोजगार
इस परियोजना की खास बात यह है कि इसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को शामिल किया जाएगा।
इन महिलाओं के माध्यम से प्राकृतिक पेंट की मार्केटिंग को बढ़ावा मिलेगा और उन्हें रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
निजी और सरकारी भवनों में बढ़ेगा उपयोग
नगर निगम की योजना है कि सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ निजी भवनों में भी प्राकृतिक पेंट के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए।
इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पर्यावरण अनुकूल विकल्प को अपनाएं।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को होगा लाभ
न्यूयॉर्क से आई टीम की सदस्य अनोराह ने भी इस परियोजना की सराहना की और इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस तरह की पहल न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद करती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाती है।
निष्कर्ष
इस मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस परियोजना को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।
कुल मिलाकर, यह परियोजना गाजियाबाद को स्वच्छ, पर्यावरण अनुकूल और आत्मनिर्भर शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।







