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3 महीने बाद ईरान की जेल से वापस साहिबाबाद लौटे इंजीनियर केतन मेहता, घर पहुंचते ही छलक पड़ीं अपनों की आंखें

BPC News National Desk
3 Min Read

गाजियाबाद (साहिबाबाद): केतन मेहता की घर वापसी ने डीएलएफ कॉलोनी में भावुक माहौल बना दिया। जैसे ही वे घर पहुंचे, परिवार के सदस्यों की आंखों से खुशी के आंसू बह निकले। तीन महीने की लंबी जुदाई के बाद यह पल पूरे परिवार के लिए बेहद खास रहा।

ईरान में गिरफ्तारी की पूरी घटना

केतन मेहता दुबई की एक तेल कंपनी में थर्ड इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। 6 जनवरी 2026 को ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर उनके जहाज को रोक लिया गया। डीजल चोरी के आरोप में उन्हें और अन्य भारतीय क्रू सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया।

बाद में उन्हें तेहरान की जेल में रखा गया, जहां उन्होंने करीब 57 दिन बिताए।

परिवार के लिए सबसे मुश्किल समय

शुरुआती दिनों में परिवार को केतन की कोई जानकारी नहीं मिल पाई। पिता मुकेश मेहता ने बताया कि 15 दिनों तक बेटे की आवाज तक नहीं सुन पाए। इस दौरान परिवार ने नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगाई।

जेल में कठिन दिन, हिम्मत नहीं हारी

जेल में रहते हुए केतन ने परिवार से फोन पर कहा था—“पापा, मुझे जल्दी बाहर निकालो।” उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और अन्य भारतीय साथियों के साथ मिलकर एक-दूसरे का मनोबल बढ़ाया।

भारत सरकार और दूतावास की भूमिका

करीब 57 दिनों के बाद मार्च 2026 के पहले सप्ताह में केतन को रिहा कर दिया गया। हालांकि, क्षेत्रीय तनाव के कारण वे तुरंत भारत नहीं लौट सके। भारतीय दूतावास की निगरानी में होटल में ठहरने के बाद आखिरकार वे तीन महीने बाद घर लौटे।

घर पहुंचते ही भावुक पल

घर पहुंचते ही मां ने गले लगाकर कहा, “अब तुम आ गए, यही सबसे बड़ी खुशी है।” पिता ने बताया कि पूरे परिवार ने इस दौरान व्रत रखे और लगातार प्रार्थना की।

साहिबाबाद की डीएलएफ कॉलोनी में केतन की वापसी पर जश्न जैसा माहौल है। पड़ोसी और रिश्तेदार मिठाइयां और फूल लेकर उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं।

मर्चेंट नेवी परिवारों में बढ़ी चिंता

इस घटना ने मर्चेंट नेवी में काम करने वाले युवाओं के परिवारों में चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच समुद्री नौकरियों के जोखिम एक बार फिर सामने आए हैं।

केतन का संदेश

केतन ने कहा, “ये तीन महीने मेरे जीवन के सबसे कठिन थे, लेकिन मैंने उम्मीद नहीं छोड़ी। भारत सरकार, दूतावास और परिवार की दुआओं की वजह से आज मैं सुरक्षित घर लौटा हूं।”

आगे की योजना

फिलहाल केतन कुछ दिन परिवार के साथ समय बिताएंगे और फिर अपनी नौकरी पर लौटने की तैयारी करेंगे। उन्होंने कहा कि अब वे पहले से ज्यादा सतर्क रहेंगे।

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