कविनगर स्थित हाइडल कॉलोनी में पश्चिमांचल विद्युत वितरण विभाग के मुख्य अभियंता आवास पर स्मार्ट मीटर को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में कोरवा-यूपी के प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया और स्मार्ट मीटर से जुड़ी कई समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा।
कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने उठाए अहम मुद्दे
बैठक का नेतृत्व Colonel Tejendra Pal Tyagi ने किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर तकनीकी रूप से उन्नत जरूर हैं, लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए कई परेशानियां भी पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने खास तौर पर:
- डेटा प्राइवेसी
- गलत बिलिंग
- नेटवर्क की समस्या
जैसे मुद्दों पर चिंता जताई।
डेटा सुरक्षा और बिलिंग गड़बड़ी पर सवाल
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली खपत का डेटा एकत्र होता है, जिससे लोगों की दिनचर्या का अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे गोपनीयता को खतरा हो सकता है।
वहीं, कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में डेटा ट्रांसमिशन में दिक्कत के कारण बिलिंग में गड़बड़ी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
प्रीपेड सिस्टम से बढ़ी परेशानी
प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर भी लोगों में नाराजगी है:
- बैलेंस खत्म होते ही बिजली कट जाती है
- रिचार्ज प्रक्रिया जटिल है
- मोबाइल ऐप पर निर्भरता बढ़ी है
इससे खासकर बुजुर्ग और ग्रामीण उपभोक्ताओं को दिक्कत हो रही है।
नए स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक की मांग
कोरवा-यूपी ने मांग की कि:
- जब तक स्पष्ट सरकारी आदेश न आएं, नए प्रीपेड स्मार्ट मीटर न लगाए जाएं
- मौजूदा सिस्टम को अधिक उपभोक्ता-अनुकूल बनाया जाए
इस मांग को Dr Pawan Kaushik ने भी समर्थन दिया।
अधिकारियों ने दिया आश्वासन
Pawan Kumar Agrawal ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनके सुझावों को शासन तक भेजा जाएगा।
उन्होंने बिजली कटौती को लेकर भी निर्देश देने की बात कही कि:
- कनेक्शन जोड़ने का कार्य निर्धारित समय पर ही हो
- अनियमित कटौती से बचा जाए
अन्य मुद्दों पर भी बनी सहमति
बैठक में:
- सिद्धार्थ विहार के गंगा-जमुना अपार्टमेंट का पावर सेटअप
- नए सब-स्टेशन की जरूरत
- विजय नगर क्षेत्र की बिजली समस्याएं
जैसे मुद्दों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
क्या होगा आगे?
यह बैठक स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ते असंतोष को दर्शाती है।
अब यह देखना अहम होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग इन मांगों पर कितना जल्द और प्रभावी कदम उठाते हैं।







