नंदग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम अटोर स्थित ग्रीन सिटी विलेज में भूमाफियाओं द्वारा कब्जे की बड़ी घटना सामने आई है। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों में दहशत फैलाई है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्लॉट मालिकों को लगा बड़ा झटका
बताया जा रहा है कि कई साल पहले खरीदे गए प्लॉट, जिनकी रजिस्ट्री भी हो चुकी थी, अब पूरी तरह बदल दिए गए हैं।
जब लोग अपने प्लॉट देखने पहुंचे तो पाया कि:
- चारदीवारी तोड़ दी गई
- प्लॉट की पहचान मिटा दी गई
- बीच में अवैध रास्ता बना दिया गया
15 प्लॉटों पर कब्जा, सुनियोजित साजिश का आरोप
जांच में सामने आया कि कुल 15 प्लॉटों पर कब्जा किया गया है।
पीड़ितों का आरोप है कि यह कार्य संगठित तरीके से किया गया और विरोध करने पर धमकियां भी दी गईं।
इस मामले में सुशील कुमार निर्वाण, कपिल शर्मा और धर्मवीर सिंह पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने पहले प्लॉट बेचे और अब कब्जा कर लिया।
थाने में शिकायत, FIR की मांग
सभी पीड़ितों ने नंदग्राम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़ितों के वकील Vaibhav Sinha ने विस्तृत आवेदन देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में निम्न मांगें की गई हैं:
- भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के तहत FIR दर्ज हो
- तत्काल पुलिस हस्तक्षेप
- मौके का निरीक्षण
- अवैध निर्माण पर रोक
मुआवजे की भी मांग
पीड़ितों ने प्रत्येक परिवार के लिए 5 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
इस मामले में कुल 15 परिवार प्रभावित बताए जा रहे हैं।
पहले भी लगे हैं आरोप
पीड़ितों का कहना है कि आरोपी पर पहले भी धोखाधड़ी के आरोप लग चुके हैं और कई मामले अदालत में लंबित हैं।
इसके बावजूद इस तरह की घटना का दोबारा सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रदेश सरकार द्वारा ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की बात की जाती रही है, लेकिन इस घटना ने जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आम जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है।
न्याय की उम्मीद में पीड़ित
फिलहाल सभी प्रभावित परिवार प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या गाजियाबाद पुलिस इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेगी या पीड़ितों को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।








