गाजियाबाद नगर निगम मुख्यालय में आयोजित ‘संभव’ जनसुनवाई कार्यक्रम में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और प्राप्त 8 संदर्भों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
समस्याओं के साथ सुझाव भी मिले
जनसुनवाई के दौरान आगंतुकों ने न केवल अपनी समस्याएं रखीं, बल्कि नगर निगम के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सुझावों पर भी गंभीरता से विचार किया जाए और जहां संभव हो, उन्हें लागू किया जाए।
निर्माण और जलकल विभाग के मामले प्रमुख
‘संभव’ कार्यक्रम में इस बार सबसे अधिक शिकायतें निर्माण और जलकल विभाग से संबंधित रहीं। इनमें सड़कों की मरम्मत, जलापूर्ति, सीवर लाइन की समस्याएं और अवैध निर्माण जैसे अहम मुद्दे शामिल थे। नगर आयुक्त ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर इन समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।
तेजी से कार्रवाई के सख्त निर्देश
नगर आयुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि ‘संभव’ में प्राप्त शिकायतों पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह बनाया गया है।
पार्षदों ने भी रखीं क्षेत्रीय समस्याएं
जनसुनवाई में कई वार्डों के पार्षद भी उपस्थित रहे। वार्ड संख्या 24 महरौली ग्राम और वार्ड संख्या 18 रजापुर शास्त्री नगर के पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। नगर आयुक्त ने इन मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार करने और शीघ्र समाधान निकालने के निर्देश दिए।
अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एस.के. राय, प्रभारी संपत्ति पल्लवी सिंह, निर्माण विभाग से एस.पी. मिश्रा सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों से जुड़े मामलों का शीघ्र निस्तारण करें और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जनसुनवाई से बढ़ेगी जवाबदेही
नगर निगम का मानना है कि ‘संभव’ जैसे जनसुनवाई कार्यक्रमों से न केवल आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है, बल्कि इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ती है। इससे शासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित होता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, ‘संभव’ जनसुनवाई कार्यक्रम में उठाए गए मुद्दों पर नगर आयुक्त के सख्त रुख से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि अब समस्याओं के समाधान में देरी नहीं चलेगी। प्रशासन नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है।







