Ghaziabad के मोदीनगर क्षेत्र में स्थित बेगमाबाद गांव में धार्मिक स्थल के समीप हुए अवैध निर्माण को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार प्रशासनिक कार्रवाई के बाद थम गया। तहसील प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी जमीन पर बने अवैध ढांचों को जेसीबी मशीन की मदद से ध्वस्त कर दिया।
इस कार्रवाई के दौरान गांव में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया।
धार्मिक स्थल के पास बनी थीं अवैध दुकानें
दरअसल, बेगमाबाद में एक धार्मिक स्थल के पास सरकारी भूमि पर कुछ दुकानों का निर्माण किया गया था, जिसे लेकर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था।
उनका आरोप था कि यह निर्माण पूरी तरह अवैध है और सरकारी जमीन पर कब्जा करके किया गया है। इस मुद्दे को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन चल रहा था, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ था।
आंदोलन ने पकड़ा जोर, आत्मदाह की चेतावनी तक
सामाजिक कार्यकर्ता शशांक कश्यप और Hindu Jagran Manch के जिला संयोजक पंकज कंसल इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे।
दोनों ने प्रशासन से मांग की थी कि अवैध निर्माण को तत्काल हटाया जाए। आंदोलन के दौरान पंकज कंसल ने मांग पूरी न होने पर आत्मदाह तक की चेतावनी दे दी थी, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया था।
वहीं, शशांक कश्यप ने यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें इस मुद्दे को उठाने पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
जांच के बाद प्रशासन ने लिया सख्त फैसला
लगातार बढ़ते दबाव और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी अजीत सिंह ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की।
जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित दुकानें वास्तव में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई थीं। रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई का निर्णय लिया।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला बुलडोजर
कार्रवाई के तहत उपजिलाधिकारी अजीत सिंह और एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों द्वारा अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की हिंसा या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
कार्रवाई के बाद हालात नियंत्रण में
ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कुछ हद तक राहत की स्थिति बनी है। हालांकि, प्रशासन अभी भी सतर्क है और गांव में पुलिस बल की तैनाती जारी रखी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों ने दी सख्त चेतावनी
उपजिलाधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि जांच में स्पष्ट रूप से अवैध निर्माण की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद नियमानुसार यह कार्रवाई की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी यदि किसी ने सरकारी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त संदेश
यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि प्रशासन अब अवैध कब्जों और निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है।
साथ ही, यह भी स्पष्ट हो गया है कि जनदबाव और जागरूकता के चलते प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
फिलहाल स्थिति शांत, लेकिन सतर्कता जारी
फिलहाल, बेगमाबाद में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन और स्थानीय लोग दोनों ही सतर्क नजर आ रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद दोबारा न पनपें।








