कानपुर। शहर में सामने आए किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस संगठित गिरोह के मुख्य सरगना और फर्जी डॉक्टर रोहित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था।
किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, रोहित इस अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का मास्टरमाइंड था। वह गरीब और जरूरतमंद लोगों को लालच देकर या धोखे से किडनी ट्रांसप्लांट के लिए तैयार करता था।
इसके बाद:
- अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट किए जाते थे
- मोटी रकम वसूली जाती थी
- फर्जी डॉक्टरों और दलालों का नेटवर्क काम करता था
25 हजार का इनाम घोषित था आरोपी पर
तीन दिन पहले ही पुलिस ने इस केस में शामिल कई फर्जी डॉक्टरों पर इनाम घोषित किया था।
इसी कार्रवाई के तहत:
- कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं
- गुप्त सूचना के आधार पर रोहित को गिरफ्तार किया गया
- फिलहाल उससे पूछताछ जारी है
अन्य आरोपी अभी फरार
इस मामले में अभी भी दो अन्य आरोपी अली और अफजल फरार हैं।
पुलिस:
- लगातार छापेमारी कर रही है
- जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है
- पूरे नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश में है
फर्जी दस्तावेज और अवैध ऑपरेशन का खेल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था:
- फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार किए जाते थे
- डोनर और मरीजों की अवैध मैचिंग होती थी
- नियमों को दरकिनार कर ऑपरेशन किए जाते थे
- बड़े पैमाने पर पैसे का लेनदेन होता था
अन्य शहरों तक फैला नेटवर्क?
पुलिस को शक है कि इस रैकेट के तार:
- अन्य शहरों
- और संभवतः अन्य राज्यों
से भी जुड़े हो सकते हैं। इसकी गहन जांच जारी है।
स्वास्थ्य विभाग भी जांच के घेरे में
इस मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
जांच में यह भी देखा जा रहा है:
- क्या अस्पतालों या क्लीनिकों की भूमिका थी?
- कैसे इतना बड़ा नेटवर्क लंबे समय तक चलता रहा?
प्रशासन की सख्त कार्रवाई के संकेत
प्रशासन ने कहा है कि:
- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी
- पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा
- मामले की गहराई से जांच जारी है
आगे और बड़े खुलासों की संभावना
पुलिस रोहित से पूछताछ कर रही है, और आने वाले दिनों में:
- कई और नाम सामने आ सकते हैं
- पूरे सिंडिकेट का खुलासा हो सकता है
- और गिरफ्तारियां संभव हैं






