गाजियाबाद। शहरवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। गाजियाबाद नगर निगम ने हाउस टैक्स को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं, जिनसे आम जनता पर आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए बड़े ऐलान
नगर निगम मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में महापौर सुनीता दयाल, विधायक अजीत पाल त्यागी, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एस. के. राय ने नई टैक्स व्यवस्था की जानकारी दी।
हाउस टैक्स में सीमित वृद्धि
नगर आयुक्त ने बताया कि:
- नई दरों के बाद भी टैक्स में केवल 10 से 15% वृद्धि होगी
- बिना छूट के अधिकतम वृद्धि 20% तक सीमित रहेगी
- पुराने दरों की तुलना में नागरिकों को राहत मिलेगी
पुराने भवनों पर विशेष छूट
महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि पुराने भवनों पर अतिरिक्त छूट जारी रहेगी:
- 10 वर्ष तक पुराने भवन: 25% छूट
- 10 से 20 वर्ष पुराने भवन: 32.5% छूट
- 20 वर्ष से अधिक पुराने भवन: 40% छूट
यह राहत मुख्य रूप से मध्यम वर्ग के लिए दी गई है।
डिजिटल भुगतान और स्वच्छता पर छूट
नगर निगम ने कई अतिरिक्त छूटों की भी घोषणा की:
- ऑनलाइन भुगतान पर 2% छूट
- कचरा पृथक्करण पर 10% अतिरिक्त छूट
- 20% विशेष छूट योजना 3 महीने के लिए बढ़ाई गई
बकायेदारों को ब्याज माफी
नगर निगम ने बकायेदारों के लिए भी राहत दी है:
- 3 महीने तक 12% वार्षिक ब्याज माफ रहेगा
- बकाया वसूली में तेजी आने की उम्मीद
- नागरिकों को पुराने बोझ से राहत मिलेगी
पहले भुगतान करने वालों को भी फायदा
नगर आयुक्त ने बताया कि:
- पहले से अधिक टैक्स जमा करने वालों को चिंता नहीं करनी चाहिए
- अतिरिक्त राशि अगले 3 वर्षों में समायोजित की जाएगी
नेताओं का बयान
विधायक अजीत पाल त्यागी ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह जनहित में है और इससे शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।
नागरिकों के लिए बड़ी राहत
इस फैसले से:
- आम नागरिकों पर टैक्स का बोझ कम होगा
- शहर में टैक्स सिस्टम अधिक पारदर्शी होगा
- नगर निगम की राजस्व व्यवस्था मजबूत होगी
निष्कर्ष
गाजियाबाद नगर निगम का यह निर्णय संतुलित और जनहितकारी माना जा रहा है, जिसमें विकास और राहत दोनों का ध्यान रखा गया है।








