आगामी यमुनोत्री धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में यमुनोत्री यात्रा के नोडल अधिकारी एवं पुलिस महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) अनंत शंकर ताकवाले ने 11 अप्रैल 2026 को यात्रा मार्ग का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूरे यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डामटा से यमुनोत्री धाम तक पूरे मार्ग का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान IG ताकवाले ने डामटा, बड़कोट, पालीगाड़, डाबरकोट और जानकीचट्टी होते हुए यमुनोत्री धाम तक पूरे मार्ग का दौरा किया। उन्होंने यात्रा मार्ग पर मौजूद व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों का गहन परीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से भूस्खलन और लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर वहां किए गए सुरक्षा उपायों की समीक्षा की।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश
IG ताकवाले ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही घाटों पर फायर सर्विस, एसडीआरएफ (SDRF) और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की तैनाती अनिवार्य रूप से करने को कहा गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
CCTV और निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत
यात्रा के दौरान सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए IG ताकवाले ने सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धाम, प्रमुख पड़ावों और पार्किंग स्थलों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए। इसके साथ ही बाहरी व्यक्तियों और संदिग्धों का शत-प्रतिशत पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने तथा सभी वाहन चालकों का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए।
पैदल मार्ग और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक लगभग 5 से 6 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग को लेकर उन्होंने विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए घोड़ा-खच्चर और डंडी-कंडी संचालन में रोटेशन प्रणाली लागू की जाए और भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाया जाए। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था तैयार रखने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही घोड़ा-खच्चर संचालकों का अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
स्वच्छता और सुविधाओं पर विशेष ध्यान
IG ताकवाले ने स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों के मल-निस्तारण के लिए “हॉर्स पॉप” योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जाए और कूड़ा निस्तारण की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ढलान वाले क्षेत्रों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि यात्रा मार्ग स्वच्छ और सुरक्षित बना रहे।
पुलिस और स्टाफ की सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पर्यटन पुलिस चौकियों, बैरियरों और पंजीकरण केंद्रों पर तैनात पुलिस बल के लिए भोजन, अलाव और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्यूटी पर तैनात किसी भी कर्मी को किसी प्रकार की परेशानी न हो और सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था होगी सख्त
IG ताकवाले ने कहा कि सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराया जाए। भीड़ बढ़ने की स्थिति में फूलचट्टी और राणाचट्टी जैसे स्थानों को होल्डिंग एरिया के रूप में उपयोग किया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था पर निर्देश
श्रद्धालुओं के सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन के लिए मंदिर परिसर में कतारबद्ध व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सुरक्षा कारणों से सायंकाल निर्धारित समय के बाद जानकीचट्टी से आगे यात्रियों को यमुनोत्री धाम की ओर न भेजने का निर्णय भी लिया गया।
अधिकारियों की मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा, प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र, उप निरीक्षक यातायात वीरेंद्र पंवार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, यह निरीक्षण आगामी यमुनोत्री धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलने की उम्मीद है।








