Banaras Hindu University के ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सीय लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एक ही नाम की दो महिला मरीजों की अदला-बदली के कारण 71 वर्षीय बुजुर्ग महिला का गलत ऑपरेशन कर दिया गया, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मरीजों की अदला-बदली से हुई बड़ी चूक
यह घटना मार्च माह की बताई जा रही है, जब एक महिला को रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर के इलाज के लिए न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती किया गया था। लेकिन गंभीर लापरवाही के चलते उन्हें गलती से ऑर्थोपेडिक विभाग के ऑपरेशन थिएटर में भेज दिया गया, जहां उनके कूल्हे का ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
पहचान प्रक्रिया में भी बरती गई लापरवाही
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि ऑपरेशन से पहले मरीज की पहचान की अनिवार्य प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। डॉक्टरों ने बिना पूरी पुष्टि के ऑपरेशन शुरू कर दिया। ऑपरेशन के दौरान स्थिति मेल न खाने पर उन्हें शक हुआ और बाद में गलती का पता चला।
गलती का एहसास होते ही बदला गया वार्ड
जैसे ही इस गंभीर चूक का पता चला, महिला को तुरंत न्यूरोसर्जरी वार्ड में स्थानांतरित किया गया। हालांकि तब तक गलत ऑपरेशन हो चुका था, जिससे मरीज की स्थिति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अस्पताल प्रशासन ने शुरू की जांच
इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में मरीजों की पहचान और विभागीय समन्वय में बड़ी चूक सामने आई है। दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों और स्टाफ पर सख्त कार्रवाई की संभावना है।
परिजनों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद मरीज के परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
चिकित्सा प्रोटोकॉल पर उठे गंभीर सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन से पहले मरीज की पहचान की पुष्टि करना एक अनिवार्य प्रक्रिया होती है। इस तरह की लापरवाही न केवल मरीज की जान को खतरे में डालती है, बल्कि पूरे चिकित्सा तंत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाती है।
देशभर के अस्पतालों के लिए चेतावनी
यह घटना केवल एक संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के चिकित्सा संस्थानों के लिए एक चेतावनी है। मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन आवश्यक है।
जवाबदेही तय होना जरूरी
कुल मिलाकर, BHU ट्रॉमा सेंटर में हुई यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करती है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।








