गाजियाबाद में अग्नि सुरक्षा सप्ताह 2026 के अंतर्गत पी.एम. श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1, वायु सेना स्थल हिंडन में एक सुव्यवस्थित फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को आग जैसी आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित, शांत और व्यवस्थित तरीके से प्रतिक्रिया करने के लिए प्रशिक्षित करना था।
फायर विभाग की टीम ने संभाली कमान
इस ड्रिल का आयोजन फायर स्टेशन हिंडन से आए अधिकारी क. खान और उनकी टीम के सहयोग से किया गया। उनकी देखरेख में पूरे कार्यक्रम को योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया गया, जिससे विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।
अलार्म बजते ही शुरू हुई निकासी प्रक्रिया
ड्रिल की शुरुआत क. खान द्वारा घंटी के संकेत से की गई। संकेत मिलते ही सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बिना घबराहट के निर्धारित निकासी मार्गों का पालन करते हुए अपने-अपने कक्षों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान, यानी आपातकालीन सभा स्थल पर पहुंचकर एकत्रित हुए। इस दौरान अनुशासन और सतर्कता का विशेष ध्यान रखा गया।
फायर एक्सटिंग्यूइशर के उपयोग का लाइव प्रदर्शन
ड्रिल के दौरान क. खान और उनकी टीम ने विद्यालय की आपदा प्रबंधन समिति के साथ मिलकर विद्यार्थियों और स्टाफ को अग्निशमन यंत्रों के प्रकार, उनके सही उपयोग और आग लगने की स्थिति में तुरंत उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सरल भाषा में समझाते हुए फायर एक्सटिंग्यूइशर के इस्तेमाल का लाइव प्रदर्शन भी किया, जिससे सभी को इसे समझने में आसानी हुई।
सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण और सुधार के सुझाव
इसके अलावा टीम ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। निकासी मार्गों, अग्निशमन यंत्रों की स्थिति और आपातकालीन संकेत बोर्डों की समीक्षा की गई तथा आवश्यक सुधारों के लिए सुझाव भी दिए गए।
समयबद्ध और अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ अभ्यास
पूरे कार्यक्रम का संचालन अत्यंत अनुशासित और समयबद्ध तरीके से किया गया। निर्धारित समय के भीतर सभी विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की गई और उनकी उपस्थिति का सत्यापन भी किया गया। इस आधार पर ड्रिल को पूरी तरह सफल घोषित किया गया।
आपातकालीन स्थितियों के लिए छात्रों को किया तैयार
इस तरह के अभ्यास न केवल विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करते हैं। विद्यालय प्रशासन ने फायर विभाग की टीम का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने की बात कही, ताकि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।








