लोनी क्षेत्र में रविवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। डाबर तालाब कॉलोनी के पास खेलते समय 6 वर्षीय मासूम बच्चा पानी में डूब गया। बच्चे की पहचान आतिफ के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। देर रात तक बच्चे की तलाश जारी रही, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका था।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आतिफ रविवार दोपहर अपने घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह तालाब के किनारे पहुंच गया। बताया जा रहा है कि खेल के दौरान वह अचानक संतुलन खो बैठा और गहरे पानी में चला गया।
साथ खेल रहे बच्चों को जब इस बात का एहसास हुआ तो उन्होंने शोर मचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
परिजनों को कैसे लगी जानकारी?
बच्चे के पिता आरिफ ने बताया कि जब उनका बेटा काफी देर तक घर नहीं लौटा, तो उन्हें चिंता हुई। उन्होंने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि आतिफ को आखिरी बार तालाब के पास देखा गया था।
जब परिजन तालाब के किनारे पहुंचे, तो वहां बच्चे की चप्पलें पड़ी मिलीं। यह दृश्य देखकर परिवार के होश उड़ गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस और रेस्क्यू टीम का सर्च ऑपरेशन
सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
- स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया
- तालाब में गहन तलाशी अभियान चलाया गया
- जेसीबी मशीन की मदद से झाड़ियां और मिट्टी हटाई गई
ताकि सर्च ऑपरेशन में कोई बाधा न आए।
स्थानीय लोगों की भीड़ और चिंता
घटना की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। हर कोई मासूम के सकुशल मिलने की दुआ करता नजर आया। हालांकि तालाब की गहराई और पानी की स्थिति के कारण राहत कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं।
पुलिस और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द बच्चे का पता लगाया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि डाबर तालाब के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं:
- कोई चेतावनी बोर्ड नहीं
- कोई घेराबंदी नहीं
- बच्चों की आसान पहुंच
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खतरनाक स्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी आवश्यक संसाधनों को मौके पर लगाया गया है और बच्चे की तलाश पूरी गंभीरता के साथ की जा रही है। सर्च ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल जाता।
यह घटना एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। जरूरत है कि प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर जलाशयों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें, ताकि भविष्य में किसी परिवार को इस तरह का दर्द न सहना पड़े।









