लखनऊ: Uttar Pradesh Forest Corporation ने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जंगल पर्यटन से जुड़ी सेवाओं के किरायों में उल्लेखनीय कमी की है। इस फैसले के बाद अब पर्यटकों के लिए जंगल सफारी, बोट सफारी और वन विश्राम गृह में ठहरना पहले की तुलना में अधिक किफायती हो गया है।
किरायों में कटौती से पर्यटकों को बड़ी राहत
नए संशोधित किरायों के अनुसार, वन विश्राम गृह में कमरे का किराया 5100 रुपये से घटाकर 4500 रुपये कर दिया गया है, जो दो व्यक्तियों के लिए लागू होगा। वहीं जंगल सफारी का शुल्क 4100 रुपये से घटाकर 3600 रुपये कर दिया गया है, जिसमें छह पर्यटक एक साथ सफारी का आनंद ले सकेंगे।
सबसे बड़ी राहत बोट सफारी के किराए में दी गई है, जिसे 5000 रुपये से घटाकर 2400 रुपये कर दिया गया है। इसमें आठ व्यक्तियों के लिए यह दर तय की गई है, जबकि अतिरिक्त व्यक्ति पर 300 रुपये का शुल्क लिया जाएगा और अधिकतम 10 लोग इसमें शामिल हो सकेंगे।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम
सरकार के इस फैसले को एक दूरदर्शी पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करना है। विशेष रूप से Katarniaghat Wildlife Sanctuary जैसे प्राकृतिक स्थलों के लिए यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह अभयारण्य अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने जंगलों और दुर्लभ वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है, जहां हर साल बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी पहुंचते हैं।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
किरायों में कमी के चलते अब मध्यम वर्ग के पर्यटकों के लिए भी जंगल सफर करना आसान हो जाएगा। इससे पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।
होटल, गाइड, ट्रांसपोर्ट और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों ने फैसले को बताया सकारात्मक
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह की नीतियां लगातार लागू की जाती रहीं, तो उत्तर प्रदेश का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
राज्य में मौजूद प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों को बेहतर तरीके से प्रमोट करने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है।
पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम
कुल मिलाकर, Uttar Pradesh Forest Corporation का यह फैसला न केवल पर्यटकों के लिए राहत भरा है, बल्कि राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
आने वाले समय में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।








