गणेशपुर टोल पर टोल संचालन शुरू होते ही विवाद सामने आ गया। Delhi-Dehradun Green Expressway पर स्थित इस टोल प्लाजा पर रविवार सुबह 8 बजे टोल वसूली शुरू की गई थी, लेकिन पहले ही दिन सोमवार को यहां हंगामे की स्थिति बन गई। टोल पर टैक्स वसूली शुरू होते ही ट्रक चालक और टोलकर्मियों के बीच कहासुनी बढ़कर झड़प में बदल गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
कैसे हुआ विवाद
घटना के अनुसार, Meerut निवासी कंटेनर चालक गुफरान अहमद गाजियाबाद से देहरादून की ओर जा रहा था। आरोप है कि टोल प्लाजा पर पहुंचने पर टोलकर्मियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौच की।
इस पर आक्रोशित चालक ने विरोध स्वरूप अपना कंटेनर टोल के बीच में खड़ा कर दिया और हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर अन्य वाहन भी रुक गए और जाम की स्थिति बन गई, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौके पर पहुंची पुलिस, समझौते से सुलझा मामला
स्थिति बिगड़ती देख टोल प्रशासन और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। इस दौरान कंटेनर मालिक भी मौके पर पहुंचा। टोल मैनेजर Shadab Tyagi ने चालक और मालिक से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
काफी समझाने-बुझाने के बाद विवाद सुलझा और यातायात को सामान्य किया गया।
दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे
टोल मैनेजर Shadab Tyagi का कहना है कि चालक मनमानी कर रहा था, जिसके चलते बहस हुई। उनके अनुसार, किसी प्रकार की अभद्रता नहीं की गई और बाद में गलतफहमी दूर होने पर मामला समाप्त हो गया।
हालांकि चालक अपने आरोपों पर कायम रहा, जिससे दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी रही।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली। टोल शुरू होते ही आसपास के निवासियों को किसी प्रकार की छूट न मिलने से आक्रोश है।
लोगों का कहना है कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में आवाजाही के लिए शुल्क देना पड़ रहा है, जो अनुचित है।
टोल प्रबंधन का पक्ष
टोल प्रबंधन का कहना है कि स्थानीय निवासियों के लिए मासिक पास की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें निजी वाहनों के लिए मामूली शुल्क रखा गया है। लेकिन फिलहाल किसी भी वाहन को पूरी तरह मुफ्त आवागमन की अनुमति नहीं दी गई है, क्योंकि इस संबंध में कोई सरकारी आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
एक्सप्रेसवे पर उठे सवाल
Delhi-Dehradun Green Expressway को क्षेत्र के विकास और यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। लेकिन टोल संचालन के पहले ही दिन हुए विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से बचने के लिए टोल प्रबंधन और प्रशासन को पहले से बेहतर समन्वय और स्पष्ट दिशा-निर्देश सुनिश्चित करने चाहिए।
आगे की स्थिति
फिलहाल स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन इस घटना ने यह संकेत जरूर दिया है कि नई व्यवस्था को लागू करने में शुरुआती चुनौतियां सामने आ सकती हैं। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आगे भी इस तरह के विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।







