Srinagar क्षेत्र में Alaknanda River में नहाने के दौरान लापता हुए छात्र की तलाश लगातार जारी है। National Institute of Technology Srinagar के बीटेक तृतीय वर्ष (कंप्यूटर साइंस) के छात्र आनंद सोहन, निवासी तेलंगाना, 26 अप्रैल 2026 की शाम करीब 4 बजे एसएसबी श्रीनगर के पास नदी में नहाते समय लापता हो गए थे। घटना के बाद से पुलिस, एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से सर्च एवं रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं।
तेज बहाव के बीच चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। नदी के तेज बहाव और गहराई को देखते हुए अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
इसके बावजूद विभिन्न एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ संभावित स्थानों पर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। गोताखोरों, बोट्स और आधुनिक उपकरणों की मदद से नदी के कई हिस्सों में गहन तलाशी ली जा रही है, ताकि जल्द से जल्द छात्र का पता लगाया जा सके।
छात्रों में बढ़ा आक्रोश
हालांकि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद छात्र का कोई सुराग न मिलने से संस्थान के छात्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को National Institute of Technology Srinagar परिसर में छात्र-छात्राओं ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
छात्रों ने प्रशासन से मांग की कि सर्च ऑपरेशन को और तेज किया जाए तथा गोताखोरों और रेस्क्यू बोटों की संख्या बढ़ाई जाए।
प्रशासन से तेज कार्रवाई की मांग
धरना दे रहे छात्रों का कहना है कि अभी तक खोज अभियान अपेक्षित स्तर पर नहीं पहुंच पाया है और इसे और व्यापक बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्र का पता नहीं चलता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
छात्रों का यह भी कहना है कि प्रशासन को इस मामले में और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और हर संभव संसाधन झोंकने चाहिए।
अधिकारियों ने किया आश्वासन
धरने के दौरान State Disaster Response Force और तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सर्च ऑपरेशन पूरी गंभीरता से चलाया जा रहा है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। हालांकि वार्ता के बावजूद छात्र संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने अपना धरना जारी रखने का निर्णय लिया।
बढ़ सकती है सर्च टीम
पुलिस का कहना है कि Alaknanda River का बहाव इस समय काफी तेज है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं। इसके बावजूद टीमों द्वारा संभावित हर स्थान पर खोजबीन की जा रही है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और टीमों को भी लगाया जाएगा, ताकि अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और सावधानियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संवेदनशील क्षेत्रों में चेतावनी संकेतों और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
सभी की नजरें सर्च ऑपरेशन पर
फिलहाल सभी की नजरें सर्च ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही छात्र का पता चल सकेगा। प्रशासन ने परिजनों और छात्रों को भरोसा दिलाया है कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आ जाता।







