कृषकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिला सहकारी बैंक लिमिटेड गाजियाबाद ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण पर ब्याज दर को घटाकर पात्र किसानों के लिए मात्र 3% प्रतिवर्ष कर दिया है। इस फैसले से जिले के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है और खेती की लागत में राहत मिलेगी।
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क्या है नया प्रावधान
- ₹3 लाख तक के फसली ऋण पर लागू
- समय पर भुगतान करने वाले किसानों को मिलेगा लाभ
- ब्याज दर घटकर केवल 3% प्रतिवर्ष
- योजना NABARD के दिशा-निर्देशों के अनुरूप
किन किसानों को मिलेगा फायदा
बैंक प्रशासन के अनुसार इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो:
- समय सीमा के भीतर ऋण चुकाएंगे
- निर्धारित शर्तों का पालन करेंगे
ऋण अदायगी की समय सीमा:
- 30 जून तक या
- अधिकतम 1 वर्ष के भीतर (जो पहले हो)
किसानों के लिए क्यों है राहत
बढ़ती महंगाई, महंगे बीज, उर्वरक और मौसम की अनिश्चितता ने किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे में:
- कम ब्याज दर से ऋण लेना आसान होगा
- खेती की लागत कम होगी
- निजी साहूकारों पर निर्भरता घटेगी
- समय पर खेती से जुड़े कार्य पूरे हो सकेंगे
योजना का मुख्य उद्देश्य
इस पहल का लक्ष्य किसानों को:
- संस्थागत बैंकिंग से जोड़ना
- ऊंची ब्याज दर वाले निजी कर्ज से बचाना
- आर्थिक रूप से मजबूत बनाना
विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार:
- सस्ती दर पर ऋण मिलने से कृषि निवेश बढ़ेगा
- आधुनिक तकनीक अपनाने में मदद मिलेगी
- उत्पादन क्षमता में सुधार होगा
किसानों की प्रतिक्रिया
गाजियाबाद के किसानों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि:
- छोटे और सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा
- खेती करना पहले की तुलना में आसान होगा
बैंक की अपील
बैंक प्रशासन ने किसानों से आग्रह किया है कि:
- समय पर ऋण अदायगी करें
- योजना का अधिकतम लाभ उठाएं
- अधिक जानकारी के लिए नजदीकी शाखा से संपर्क करें







