हरिद्वार | धर्मनगरी हरिद्वार के मुख्य बस अड्डे पर व्याप्त अव्यवस्थाओं ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीषण गर्मी के बीच यात्रियों को राहत देने के लिए लगाए गए पंखे बंद पड़े हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता पं. कपिल शर्मा जौनसारी ने प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता ने उठाई आवाज
सामाजिक कार्यकर्ता पं. कपिल शर्मा जौनसारी ने कहा कि बस अड्डे पर लगे अधिकांश पंखे खराब पड़े हैं और कई जगह केवल उनके ढांचे ही लटकते नजर आते हैं। उन्होंने इसे यात्रियों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि इतनी गर्मी में यह लापरवाही बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि रोजाना हजारों यात्री इस बस अड्डे का उपयोग करते हैं, जिनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
जौनसारी के अनुसार, इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय लोगों और यात्रियों द्वारा शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने इसे प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण बताते हुए कहा कि जिम्मेदार विभाग इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों पर भी उठाए सवाल
पं. कपिल शर्मा जौनसारी ने हरिद्वार के जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिले से दो कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद बस अड्डे की स्थिति बेहद खराब है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र का प्रतिनिधित्व उच्च स्तर के नेता कर रहे हैं, तो फिर जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है।
प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि बस अड्डे पर बंद पड़े पंखों को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
इसके साथ ही उन्होंने पेयजल, स्वच्छता और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि बस अड्डा किसी भी शहर की व्यवस्था का आईना होता है, इसलिए यहां की स्थिति बेहतर होना बेहद जरूरी है।
आंदोलन की चेतावनी
जौनसारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वह जनहित में आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल सुविधाओं का नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकार और सम्मान से जुड़ा हुआ है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने भी इस समस्या को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में यही स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
लोगों ने उम्मीद जताई है कि इस बार प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेगा और जल्द सुधार करेगा।
प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कदम उठाता है और यात्रियों को राहत देने के लिए क्या उपाय किए जाते हैं। फिलहाल, हरिद्वार बस अड्डे की स्थिति यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।








