Bpc News Digital

  • अपनी भाषा चुनें

You are Visiters no

818424
हमें फॉलो करें

भाषा चुनें

कीर्तिनगर पुल बनता जा रहा ‘सुसाइड प्वाइंट’, बढ़ती घटनाओं पर उठी सुरक्षा बढ़ाने की मांग

BPC News National Desk
4 Min Read

कीर्तिनगर: कीर्तिनगर में अलकनंदा नदी पर बना पुल इन दिनों गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल जिलों को जोड़ने वाला यह पुल, जो कभी लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण साधन था, अब लगातार बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं के कारण ‘सुसाइड प्वाइंट’ के रूप में बदनाम होता जा रहा है।

बढ़ती घटनाओं से दहशत का माहौल

स्थानीय लोगों के अनुसार, बीते कुछ समय में इस पुल से नदी में छलांग लगाने की घटनाओं में तेजी आई है। आए दिन सामने आ रही इन घटनाओं ने प्रशासन और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया है।

हालांकि कई मामलों में समय रहते लोगों को बचा लिया गया, लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी भी रही हैं, जहां जान नहीं बचाई जा सकी। यह स्थिति न केवल क्षेत्र के लिए चिंताजनक है, बल्कि सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े बड़े सवाल भी खड़े करती है।

सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग

इसी मुद्दे को लेकर अचल नेगी ने उपजिलाधिकारी कीर्तिनगर से मुलाकात कर पुल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए अब केवल औपचारिक कदमों से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस और प्रभावी उपायों की जरूरत है।

उन्होंने पुल के दोनों ओर मजबूत रेलिंग और जालियां लगाने की मांग की है, ताकि कोई भी व्यक्ति आसानी से नदी में छलांग न लगा सके।

CCTV और पुलिस गश्त बढ़ाने का सुझाव

अचल नेगी ने यह भी सुझाव दिया कि पुल के शुरुआती कोनों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए, जहां से लोग अक्सर छलांग लगाने की कोशिश करते हैं।

इसके अलावा, उन्होंने सीसीटीवी कैमरे लगाने और नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की भी मांग की है, जिससे ऐसी घटनाओं पर नजर रखी जा सके और समय रहते हस्तक्षेप किया जा सके।

स्थानीय लोगों की चिंता

स्थानीय निवासियों का भी कहना है कि पुल पर सुरक्षा इंतजाम बेहद कमजोर हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं को रोकना मुश्किल हो रहा है। उनका मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

कई लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि पुल पर हेल्पलाइन नंबर और जागरूकता संबंधी बोर्ड लगाए जाएं, जिससे मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों को सहायता मिल सके।

मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि आत्महत्या की घटनाओं को केवल भौतिक अवरोधों से ही नहीं रोका जा सकता, बल्कि इसके लिए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।

पुल जैसे संवेदनशील स्थानों पर काउंसलिंग हेल्पलाइन, इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मुद्दे पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन जिस तरह से यह मामला तूल पकड़ रहा है, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में इस दिशा में कुछ ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।

निष्कर्ष: चेतावनी और समाधान की जरूरत

कुल मिलाकर, कीर्तिनगर पुल का ‘सुसाइड प्वाइंट’ के रूप में उभरना एक गंभीर चेतावनी है। यह न केवल सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर करता है, बल्कि समाज में बढ़ते मानसिक तनाव की ओर भी इशारा करता है।

ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन, समाज और परिवार मिलकर इस समस्या का समाधान तलाशें, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

Share This Article
bpcnews.in is one of the fastest-growing Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India-based news and stories
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *