Bpc News Digital

  • अपनी भाषा चुनें

You are Visiters no

818484
हमें फॉलो करें

भाषा चुनें

टूटे मोबाइल से मिली पहचान, हरिद्वार पुलिस ने हिमाचल के परिवार तक पहुंचाई दुखद खबर

BPC News National Desk
4 Min Read

हरिद्वार में एक अज्ञात शव की शिनाख्त कर उसे परिजनों तक पहुंचाने में ज्वालापुर पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और सूझबूझ का परिचय दिया है। तीन दिन तक लगातार प्रयास करने के बाद पुलिस ने एक क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन के जरिए मृतक की पहचान कराई।

इस प्रयास के चलते हिमाचल प्रदेश में रह रहे परिजनों को अपने पिता के अंतिम दर्शन करने का अवसर मिल सका। परिवार ने उत्तराखंड पुलिस का आभार जताया है।

गंगनहर से मिला था अज्ञात शव

जानकारी के अनुसार, 4 मई 2026 को थाना ज्वालापुर क्षेत्र में रेगुलेटर पुल के पास जटवाड़ा पुल गंगनहर से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम और पहचान की प्रक्रिया के लिए जिला अस्पताल हरिद्वार की मोर्चरी में रखवाया गया।

मृतक के पास नहीं मिला कोई पहचान पत्र

पुलिस को मृतक के पास कोई पहचान पत्र, दस्तावेज या ऐसा सामान नहीं मिला जिससे उसकी पहचान की जा सके। ऐसे में शव की शिनाख्त पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी।

तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक पुराना और टूटा हुआ मोबाइल फोन मिला, जिसमें एक सिम कार्ड लगा हुआ था। पुलिस ने इसी को जांच का आधार बनाया।

सिम कार्ड बना सबसे बड़ा सुराग

थाना कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मियों ने सिम कार्ड को अपने मोबाइल में लगाकर जानकारी निकालने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में कोई डेटा या नंबर प्राप्त नहीं हुआ।

इसके बावजूद पुलिस ने लगातार प्रयास जारी रखे। करीब दो दिन बाद, 6 मई को उस नंबर पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि यह नंबर “बिट्टू” नाम के व्यक्ति का है, जो उसके यहां कारपेंटर का काम करता था।

हिमाचल प्रदेश तक पहुंची पुलिस

कॉलर द्वारा दिए गए दूसरे नंबर पर संपर्क करने के बाद पुलिस की बातचीत हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की रहने वाली हंसा देवी से हुई।

उन्होंने बताया कि यह नंबर उनके पिता ताराचंद उर्फ बिट्टू का है, जो पिछले पांच से सात दिनों से लापता थे। घर से निकलते समय उन्होंने नौकरी की तलाश में जाने की बात कही थी।

व्हाट्सएप फोटो से हुई पहचान

पुलिस ने व्हाट्सएप के जरिए मृतक के फोटो परिजनों को भेजे। तस्वीर देखते ही हंसा देवी ने शव की पहचान अपने पिता के रूप में की।

इसके बाद मृतक के पुत्र नवीन कुमार ने पुलिस से संपर्क किया और हरिद्वार पहुंचने की जानकारी दी।

परिजनों को मिला अंतिम दर्शन का अवसर

7 मई को नवीन कुमार और अन्य परिजन हरिद्वार पहुंचे। मोर्चरी में शव देखने के बाद उन्होंने मृतक की पहचान 59 वर्षीय ताराचंद उर्फ बिट्टू पुत्र भगत राम निवासी मंडी, हिमाचल प्रदेश के रूप में की।

सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।

पुलिस की संवेदनशीलता की हो रही सराहना

परिजनों ने भावुक होकर कहा कि यदि पुलिस इतनी गंभीरता और संवेदनशीलता से प्रयास नहीं करती तो उन्हें अपने पिता के अंतिम दर्शन भी नहीं मिल पाते।

इस पूरे मामले में अ0उ0नि0 कमला चौहान और कांस्टेबल मनोज डोभाल की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। उत्तराखंड पुलिस द्वारा जारी एसओपी का पालन करते हुए ज्वालापुर पुलिस ने यह साबित किया कि तकनीक, धैर्य और मानवीय संवेदनाएं मिलकर किसी भी मुश्किल को आसान बना सकती हैं।

Share This Article
bpcnews.in is one of the fastest-growing Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India-based news and stories
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *