Ghaziabad पुलिस कमिश्नरेट को एटीएम कैश वैन लूटकांड में बड़ी सफलता हाथ लगी है। 27 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट में शामिल एक-एक लाख रुपये के इनामी बदमाश Zuber और Sameer पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में राहत की भावना है, वहीं इलाके में इस घटना की चर्चा तेज हो गई है। Dhawal Jaiswal ने दोनों बदमाशों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि फरार आरोपियों की तलाश अब भी जारी है।
दिनदहाड़े फिल्मी अंदाज में हुई थी 27 लाख की लूट

जानकारी के अनुसार, छह मई को बदमाशों ने दिनदहाड़े बेहद फिल्मी अंदाज में एटीएम कैश वैन को निशाना बनाया था। बदमाशों ने चालक को गन प्वाइंट पर लेकर करीब 27 लाख रुपये लूट लिए और मौके से फरार हो गए थे। व्यस्त इलाके में हुई इस वारदात से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। घटना के बाद पुलिस कमिश्नरेट, क्राइम ब्रांच और स्वाट टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया था।
पुलिस ने बढ़ाया था इनाम

पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, लेकिन गिरफ्तारी न होने पर यह इनाम बढ़ाकर एक-एक लाख रुपये कर दिया गया। पुलिस लगातार आरोपियों की लोकेशन और उनके नेटवर्क को खंगाल रही थी। कई संदिग्धों से पूछताछ की गई और तकनीकी सर्विलांस के जरिए बदमाशों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही थी।
पुलिस मुठभेड़ में दोनों बदमाश ढेर

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्राइम ब्रांच को पूछताछ के दौरान कुछ अहम सुराग मिले थे, जिनके आधार पर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जुबेर और समीर एक स्थान पर मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की, लेकिन खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
जुबेर बताया जा रहा लूटकांड का मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस लूटकांड का मास्टरमाइंड जुबेर था। वह विजयनगर इलाके में बांस-बल्ली की दुकान चलाता था। वहीं उसका भाई Shoaib कपड़ों की फेरी लगाने का काम करता था। पुलिस के मुताबिक, दोनों भाइयों ने अपने पड़ोसी Firoz को भी इस वारदात में शामिल किया था। वहीं समीर किसी प्रकार का नियमित काम नहीं करता था और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने की जानकारी सामने आई है।
कई दिनों तक की थी रेकी

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। कैश वैन के रूट, समय और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी जुटाने के बाद लूट की योजना बनाई गई। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया था, ताकि वारदात के तुरंत बाद पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
हालांकि पुलिस की लगातार कार्रवाई और तकनीकी जांच के चलते बदमाश ज्यादा दिनों तक बच नहीं सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल शोएब और फिरोज फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
लोगों ने पुलिस कार्रवाई की सराहना की

गाजियाबाद में दिनदहाड़े हुई इस बड़ी लूट ने लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। ऐसे में पुलिस द्वारा मुख्य आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराना कानून व्यवस्था के लिहाज से बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि फरार आरोपी भी जल्द गिरफ्त में होंगे।
सुरक्षा एजेंसियों को मजबूत करनी होगी निगरानी
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में कैश वैन और एटीएम से जुड़ी लूट की घटनाओं में अपराधी तकनीकी जानकारी और रेकी का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को भी लगातार अपनी रणनीति और निगरानी तंत्र को मजबूत करना होगा।
पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है। फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ लूट की रकम की बरामदगी और इस वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस पूरे मामले का पूरी तरह खुलासा कर दिया जाएगा।








