Delhi Police Special Cell को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। स्पेशल सेल ने Central Bureau of Investigation (CBI) और Azerbaijan की सुरक्षा एजेंसियों के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े फरार आरोपी Prabhdeep Singh को अज़रबैजान की राजधानी Baku से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एजेंसियों के बेहतर समन्वय और खुफिया सहयोग का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
लंबे समय से जांच एजेंसियों को था आरोपी की तलाश
जानकारी के अनुसार प्रभदीप सिंह लंबे समय से भारत की जांच एजेंसियों के लिए वांछित था। उस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क से जुड़े होने के गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी विदेश में बैठकर ड्रग सिंडिकेट के संचालन और विभिन्न देशों में नेटवर्क फैलाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। उसके खिलाफ कई महत्वपूर्ण जानकारियां और सबूत पहले ही जांच एजेंसियों के हाथ लग चुके थे।
अज़रबैजान में छिपा हुआ था आरोपी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल लंबे समय से इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। जांच के दौरान एजेंसियों को पता चला कि प्रभदीप सिंह भारत छोड़कर अज़रबैजान में छिपा हुआ है। इसके बाद सीबीआई, इंटरपोल और अज़रबैजान की एजेंसियों के सहयोग से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की गई। कानूनी और राजनयिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे भारत लाया गया।
बेहद गोपनीय तरीके से हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया काफी गोपनीय तरीके से संचालित की गई। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका थी कि गिरोह के अन्य सदस्य उसे बचाने या फरार कराने की कोशिश कर सकते हैं। इसी कारण पूरी कार्रवाई को अत्यंत सतर्कता के साथ अंजाम दिया गया।
पूछताछ में हो सकते हैं कई बड़े खुलासे
जांच एजेंसियों का मानना है कि प्रभदीप सिंह से पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। यह भी संभावना जताई जा रही है कि उसके संपर्क कई देशों में सक्रिय तस्करों और सप्लाई चैन से जुड़े लोगों से रहे हैं। जांच अधिकारी अब उसके वित्तीय लेन-देन, विदेश यात्राओं और संपर्कों की गहन पड़ताल कर रहे हैं।
तकनीकी और हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे अपराधी
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में ड्रग तस्करी का नेटवर्क पहले से अधिक संगठित और तकनीकी रूप से मजबूत हुआ है। अपराधी विभिन्न देशों में बैठकर डिजिटल माध्यमों और हवाला नेटवर्क के जरिए अपने अवैध कारोबार को संचालित कर रहे हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय बेहद जरूरी हो गया है।
दिल्ली पुलिस पहले भी कर चुकी है बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पहले भी कई बड़े ड्रग रैकेट का पर्दाफाश कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं और समाज के भविष्य से जुड़ा गंभीर खतरा है। इसी कारण ऐसे नेटवर्क के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है।
भारत-अज़रबैजान सुरक्षा सहयोग का बड़ा उदाहरण
इस कार्रवाई को भारत और अज़रबैजान के बीच सुरक्षा सहयोग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों की एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के चलते आरोपी को सफलतापूर्वक भारत लाया जा सका। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय अपराधों के खिलाफ इस तरह का सहयोग जारी रहेगा।
ड्रग सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क की जांच जारी
फिलहाल प्रभदीप सिंह को भारत लाने के बाद संबंधित एजेंसियों द्वारा उससे पूछताछ की जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रग सिंडिकेट का नेटवर्क किन-किन देशों तक फैला हुआ है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
एजेंसियों की कार्रवाई से गया सख्त संदेश
दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों की इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे यह संदेश भी गया है कि चाहे आरोपी दुनिया के किसी भी कोने में छिपा हो, भारतीय एजेंसियां उसे कानून के दायरे में लाने में सक्षम हैं।







