पीएम मोदी ने Abu Dhabi में United Arab Emirates पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा करते हुए यूएई की सुरक्षा और स्थिरता के लिए भारत का पूर्ण समर्थन दोहराया। इस दौरान दोनों देशों के बीच गहरी दोस्ती, रणनीतिक साझेदारी और आपसी विश्वास का मजबूत संदेश दुनिया के सामने आया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत किसी भी प्रकार के आतंकवाद और हिंसक गतिविधियों के खिलाफ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यूएई पर हमला केवल एक देश पर हमला नहीं, बल्कि शांति, स्थिरता और मानवता के मूल्यों पर हमला है।
भारत-यूएई रिश्तों को मिली नई मजबूती
अबू धाबी में हुई मुलाकात के दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच विशेष गर्मजोशी देखने को मिली। इस रिश्ते को “भाई-भाई” की दोस्ती का प्रतीक बताया गया।
India और यूएई के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच:
- व्यापार,
- निवेश,
- ऊर्जा,
- रक्षा,
- तकनीक,
- और रणनीतिक सहयोग
तेजी से बढ़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और यूएई अब केवल आर्थिक साझेदार नहीं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी बन चुके हैं।
भारतीय समुदाय की पीएम मोदी ने की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूएई के रिश्ते केवल सरकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच गहरा भावनात्मक जुड़ाव भी मौजूद है।
उन्होंने यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि वहां रहने वाले भारतीय दोनों देशों के बीच मजबूत पुल का काम कर रहे हैं और यूएई के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति पर जोर
यूएई नेतृत्व ने भी भारत के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। बैठक के दौरान:
- क्षेत्रीय शांति,
- आतंकवाद विरोधी सहयोग,
- सुरक्षा साझेदारी,
- और पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों
पर विस्तार से चर्चा हुई।
दोनों देशों ने आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
पश्चिम एशिया की स्थिरता पर हुई चर्चा
बैठक में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया को शांति, सह-अस्तित्व और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद और हिंसा जैसी चुनौतियों का मुकाबला केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
रणनीतिक साझेदारी लगातार हो रही मजबूत
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश भारत की विदेश नीति में यूएई की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।
ऊर्जा सुरक्षा, व्यापारिक निवेश और रक्षा सहयोग के लिहाज से यूएई भारत का एक अहम साझेदार बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच:
- रक्षा सहयोग,
- खुफिया साझेदारी,
- निवेश समझौते,
- और तकनीकी सहयोग
लगातार मजबूत हुए हैं।
भरोसे और सहयोग का मजबूत संदेश
अबू धाबी में हुआ यह “भाई-भाई” मिलन भारत और यूएई के गहरे भरोसे और साझा हितों का प्रतीक माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग और अधिक मजबूत होगा और दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता तथा आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।








