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देहरादून में DM का बड़ा एक्शन: 96 होमस्टे के लाइसेंस रद्द, अवैध गतिविधियों पर चला प्रशासन का चाबुक

BPC News National Desk
5 Min Read

Dehradun में जिलाधिकारी Savin Bansal द्वारा चलाए गए बड़े प्रशासनिक अभियान ने पूरे शहर में हलचल मचा दी है। होमस्टे की आड़ में चल रही अवैध गतिविधियों, नियमों के उल्लंघन और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 96 होमस्टे के पंजीकरण रद्द कर दिए हैं। साथ ही इन्हें सरकारी पोर्टल से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

136 होमस्टे पर छापेमारी, कई गंभीर अनियमितताएं उजागर

जिला प्रशासन की पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में कुल 136 होमस्टे पर संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया। जांच के दौरान कई होमस्टे नियमों का उल्लंघन करते पाए गए।

अधिकारियों के अनुसार:

  • कई होमस्टे अवैध होटल और बार की तरह संचालित हो रहे थे,
  • कुछ स्थानों पर देर रात तक डीजे और पार्टियों का आयोजन हो रहा था,
  • जबकि कई जगह सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।

प्रशासन ने इन गतिविधियों को कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।

संदिग्ध लोगों के ठहरने और अपराध से जुड़े मिले इनपुट

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ होमस्टे में बिना सत्यापन के संदिग्ध और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को ठहराया जा रहा था।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार:

  • हाल की कुछ आपराधिक घटनाओं,
  • नशे में वाहन चलाने,
  • और सरेराह फायरिंग जैसे मामलों

के तार भी ऐसे होमस्टे से जुड़े पाए गए हैं।

फायर सेफ्टी और लाइसेंस नियमों की अनदेखी

जांच टीमों ने पाया कि कई होमस्टे में:

  • फायर सेफ्टी उपकरण नहीं थे,
  • फूड लाइसेंस अनुपस्थित थे,
  • पार्किंग व्यवस्था नहीं थी,
  • और भवन मानकों का उल्लंघन किया जा रहा था।

कुछ स्थानों पर निर्धारित क्षमता से अधिक कमरे बनाकर उन्हें व्यावसायिक होटल और पार्टी वेन्यू की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था।

विदेशी नागरिकों का रिकॉर्ड नहीं मिला

सबसे गंभीर मामला विदेशी मेहमानों के रिकॉर्ड से जुड़ा सामने आया। कई होमस्टे संचालक विदेशी नागरिकों के ठहरने से संबंधित अनिवार्य C-Form रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके।

प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला बताया है।

स्थानीय लोगों के नाम पर चल रहे थे कमर्शियल कारोबार

प्रशासन ने यह भी पाया कि कई होमस्टे वास्तविक स्थानीय निवासियों द्वारा संचालित नहीं किए जा रहे थे। आरोप है कि कुछ बाहरी और धनाढ्य लोगों ने स्थानीय लोगों के नाम पर पंजीकरण लेकर उन्हें व्यावसायिक होटल में बदल दिया था।

अधिकारियों का कहना है कि इससे सरकार की होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा था, जिसका मकसद स्थानीय लोगों को पर्यटन और रोजगार से जोड़ना है।

डीएम सविन बंसल का सख्त संदेश

डीएम सविन बंसल ने स्पष्ट कहा कि होमस्टे योजना का उद्देश्य:

  • स्थानीय संस्कृति,
  • पारंपरिक खानपान,
  • और पर्यटन को बढ़ावा देना है,

न कि अवैध गतिविधियों को संरक्षण देना।

उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।

दो चरणों में हुई कार्रवाई

प्रशासन के अनुसार:

  • पहले चरण में 17 होमस्टे,
  • जबकि दूसरे चरण में 79 होमस्टे

के खिलाफ कार्रवाई की गई।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि देहरादून और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में संचालित सभी होमस्टे की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।

लोगों ने किया प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन

कई स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि कुछ अवैध गतिविधियों के कारण पूरे क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही थी।

हालांकि कुछ होमस्टे संचालकों का कहना है कि प्रशासन को नियमों को अधिक स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से लागू करना चाहिए।

फिलहाल देहरादून में प्रशासन का यह “ऑपरेशन सफाई” चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य प्रतिष्ठानों पर भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

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