गाजियाबाद में भीषण गर्मी का कहर में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बुधवार दोपहर उस समय हर कोई हैरान रह गया जब मोहन नगर चौराहे के पास लगे नगर निगम के डिजिटल तापमान मीटर पर 53 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज दिखाई दिया।
सड़क से गुजर रहे लोगों की नजर जैसे ही इस डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर पड़ी, लोग कुछ देर के लिए वहीं रुक गए। इतनी ज्यादा गर्मी का आंकड़ा देखकर राहगीर भी हैरान रह गए और देखते ही देखते यह चर्चा पूरे इलाके में फैल गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें और वीडियो
मोहन नगर चौराहे पर मौजूद कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से डिजिटल तापमान मीटर की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर किए।
कुछ ही समय में यह वीडियो वायरल हो गया और लोग दिल्ली-एनसीआर में पड़ रही भीषण गर्मी को लेकर चर्चा करने लगे।
मौसम विभाग की रीडिंग से ज्यादा दिखा तापमान
आमतौर पर में मई और जून के दौरान तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।
हालांकि मौसम विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट में तापमान इससे कम बताया गया, लेकिन सड़क किनारे लगे डिजिटल मीटर पर 53 डिग्री की रीडिंग ने लोगों को गर्मी की गंभीरता का एहसास जरूर करा दिया।
सड़क पर निकलना हुआ मुश्किल
स्थानीय लोगों के अनुसार दोपहर के समय सड़क पर निकलना बेहद कठिन हो गया था।
गर्म हवाएं लोगों के चेहरे को झुलसा रही थीं और धूप इतनी तेज थी कि कुछ मिनट तक खड़े रहना भी मुश्किल लग रहा था। दोपहर के समय शहर की कई सड़कें लगभग सूनी नजर आईं।
सबसे ज्यादा प्रभावित हुए ये लोग
भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर दिखाई दिया जो खुले में काम करने को मजबूर हैं।
प्रभावित वर्ग
- रिक्शा चालक
- ई-रिक्शा चालक
- ट्रैफिक पुलिसकर्मी
- दिहाड़ी मजदूर
- डिलीवरी कर्मचारी
इन लोगों को तेज धूप और लू के बीच लगातार काम करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों ने बताई ज्यादा रीडिंग की वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क किनारे लगे डिजिटल तापमान मीटर कई बार वास्तविक तापमान से अधिक रीडिंग दिखा सकते हैं।
इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:
- सीधी धूप
- सड़क और कंक्रीट की गर्म सतह
- वाहनों से निकलने वाली गर्मी
- आसपास का हीट रिफ्लेक्शन
फिर भी यह घटना इस बात का संकेत जरूर है कि शहर में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है।
बढ़ते कंक्रीट और कम होती हरियाली बनी चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार शहरों में तेजी से बढ़ते कंक्रीट के ढांचे, पेड़ों की कमी और वाहनों की संख्या बढ़ने से “अर्बन हीट” का असर बढ़ता जा रहा है।
जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में यह समस्या और गंभीर होती जा रही है।
अस्पतालों में बढ़ रहे हीट स्ट्रोक के मरीज
भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है।
अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
डॉक्टरों की सलाह
- ज्यादा पानी पिएं
- हल्के कपड़े पहनें
- धूप में निकलने से बचें
- शरीर को हाइड्रेट रखें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
नगर निगम और प्रशासन की ओर से भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था बढ़ाई जा रही है और राहत उपायों पर काम किया जा रहा है। हालांकि लोगों का कहना है कि लंबे समय के लिए हरियाली बढ़ाने और तापमान कम करने की ठोस योजना जरूरी है।
बारिश का इंतजार कर रहे लोग
गाजियाबाद में 53 डिग्री तापमान की यह रीडिंग भले ही तकनीकी कारणों से अधिक दिखाई दी हो, लेकिन इसने लोगों को गर्मी के बढ़ते खतरे का एहसास जरूर करा दिया है।
फिलहाल पूरा दिल्ली-एनसीआर भीषण लू और तपती गर्मी की चपेट में है और लोग अब मानसून और बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।






