विजयनगर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप और चौकी पुलिस पर पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट के गंभीर आरोप लगने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
घटना के विरोध में ने पुलिस कमिश्नर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भूख हड़ताल की चेतावनी
संगठन की अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह परिवार सहित अन्न-जल त्यागकर भूख हड़ताल पर बैठेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई न होने की स्थिति में उन्हें आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
हालांकि के आश्वासन के बाद फिलहाल पत्रकारों ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए तीन दिन का समय दिया है।
शिकायत के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार पत्रकार ने किसी व्यक्ति द्वारा कथित अभद्रता की शिकायत में दर्ज कराई थी।
मामले की जांच सिद्धार्थ विहार चौकी पुलिस को सौंपी गई।
आरोप है कि जब पत्रकार पक्ष चौकी पहुंचा तो आरोपी पक्ष ने पुलिस के सामने ही गाली-गलौज और दबाव बनाना शुरू कर दिया। पत्रकारों का कहना है कि पुलिस ने आरोपी पक्ष को रोकने के बजाय उल्टा पत्रकारों के साथ ही अभद्रता शुरू कर दी।
पुलिसकर्मियों पर मारपीट के आरोप
ने आरोप लगाया कि ‘भारत का बदलता शासन’ के संपादक के साथ सब-इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों ने अमर्यादित व्यवहार किया।
आरोपों के मुताबिक:
- पत्रकार को जबरन पुलिस जीप में बैठाया गया
- गाड़ी के अंदर मारपीट की गई
- अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया
इस घटना के बाद पत्रकारों में भारी आक्रोश फैल गया।
थाना प्रभारी पर भी सुनवाई न करने का आरोप
पत्रकारों का कहना है कि जब वे शिकायत लेकर थाना प्रभारी के पास पहुंचे तो वहां भी उन्हें उचित सुनवाई नहीं मिली।
आरोप है कि:
- थाना प्रभारी ने पत्रकारों को धमकाया
- कार्यालय से बाहर निकाल दिया
इसके बाद नाराज पत्रकार थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।
करीब एक घंटे तक उच्च अधिकारियों को फोन करने के बाद थाना प्रभारी ने पत्रकारों का पक्ष सुना।
“लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण”
का कहना है कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
संगठन के अनुसार:
- पत्रकार समाज को सच दिखाने का कार्य करते हैं
- पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार प्रेस की स्वतंत्रता पर खतरा है
- घटना ने पत्रकारों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई है
एडिशनल सीपी ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
मामले को गंभीरता से लेते हुए पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल से मिला और ज्ञापन सौंपा।
करीब आधे घंटे चली वार्ता के दौरान एडिशनल सीपी ने:
- निष्पक्ष जांच
- कानूनी कार्रवाई
- उचित समाधान
का भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा कि किसी को भी भूख हड़ताल या आत्मघाती कदम उठाने की नौबत नहीं आने दी जाएगी।
पत्रकारों की प्रमुख मांगें
पत्रकार संगठन ने मांग की है कि:
- मामले की उच्चस्तरीय जांच हो
- एसआई आयुष कुमार को तत्काल निलंबित किया जाए
- संबंधित पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज हो
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
मुख्यमंत्री और डीजीपी को भेजी गई शिकायत
इस पूरे मामले की प्रतिलिपि:
- उत्तर प्रदेश डीजीपी
को भी भेजी गई है, ताकि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।






