वनाग्नि, पेयजल और मानसून तैयारियों पर सीएम धामी सख्त, बोले- एक घंटे में मौके पर पहुंचे अधिकारी ने प्रदेश में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं, पेयजल संकट, स्वास्थ्य सेवाओं और आगामी मानसून सीजन को लेकर अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और वनाग्नि की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण के लिए रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए।
वनाग्नि पर सख्त निर्देश, एक घंटे में मौके पर पहुंचे अधिकारी
सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जंगल में आग लगने की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।
उन्होंने कहा कि:
- वनाग्नि पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा है
- वन्यजीवों और स्थानीय लोगों पर भी इसका गंभीर असर पड़ता है
- किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
मुख्यमंत्री ने वन विभाग को त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम मजबूत करने के निर्देश दिए।

पूरे प्रदेश में लागू होगा “शीतलाखेत मॉडल”
मुख्यमंत्री ने वनाग्नि नियंत्रण के लिए “शीतलाखेत मॉडल” को पूरे प्रदेश में लागू करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि:
- फायर लाइन के आसपास छोटी-छोटी तलैया बनाई जाएं
- इससे आग फैलने से रोकने में मदद मिलेगी
- वन विभाग ठोस एक्शन प्लान तैयार करे
इसके साथ ही आग बुझाने वाले कर्मचारियों को:
- आधुनिक उपकरण
- पर्याप्त संसाधन
- सुरक्षा सामग्री
उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
वनाग्नि रोकने के लिए चलाया जाएगा जन-जागरूकता अभियान
सीएम धामी ने कहा कि जंगलों में आग रोकने के लिए केवल सरकारी प्रयास काफी नहीं हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि:
- व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए
- ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को जागरूक किया जाए
- सामुदायिक भागीदारी बढ़ाई जाए
एक हजार नए फॉरेस्ट गार्ड की होगी भर्ती
बैठक में मुख्यमंत्री ने फॉरेस्ट गार्ड की कमी को गंभीरता से लेते हुए:
- 1000 नई नियुक्तियां करने
- वन सुरक्षा मजबूत करने
- पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने
के निर्देश दिए।
साथ ही ग्राम समितियों और वन पंचायतों को भी नियमानुसार बजट उपलब्ध कराने को कहा गया।
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने पर भी जोर
प्रदेश में बढ़ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने:
- प्रत्येक वन डिवीजन में पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने
- घायल वन्यजीवों के उपचार में तेजी लाने
- रेस्क्यू कार्य मजबूत करने
के निर्देश दिए।
उन्होंने मोबाइल अलर्ट सिस्टम के जरिए वनाग्नि सूचना तुरंत संबंधित क्षेत्रों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।
पेयजल संकट को लेकर सरकार अलर्ट
ग्रीष्मकालीन मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- कहीं भी पेयजल संकट न होने पाए
- टैंकरों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे
- क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को तुरंत ठीक किया जाए
मुख्यमंत्री ने तीर्थ और पर्यटन स्थलों पर भी पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बिजली आपूर्ति को लेकर भी दिए निर्देश
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने:
- निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने
- ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने
- गर्मियों की मांग को देखते हुए तैयारी पूरी करने
के निर्देश अधिकारियों को दिए।
मानसून सीजन को लेकर विशेष सतर्कता
मानसून की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को अलर्ट रहने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि:
- जनपदों के प्रभारी सचिव जिलों का स्थलीय निरीक्षण करें
- संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए
- भूस्खलन और आपदा संभावित क्षेत्रों में पहले से तैयारी हो
अस्पतालों का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने:
- सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट
- अस्पतालों में साफ-सफाई
- बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा:
- संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने
- गर्भवती महिलाओं का पूरा डाटा सुरक्षित रखने
- मानसून में अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने
के निर्देश भी दिए गए।
चारधाम यात्रा में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि:
- स्वास्थ्य जांच में अनफिट पाए जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा न करने की सलाह दी जाए
- यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए
- किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सतर्कता बरती जाए
सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश
बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक और वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि:
- सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें
- जनता को राहत देना प्राथमिकता हो
- हर अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से कार्य करे
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार जनता की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी तरह गंभीर है।









