गाजियाबाद के चार मूर्ति बुद्ध विहार में समाजसेवी एवं शिक्षाप्रेमी स्वर्गीय संजय लाल सिद्धार्थ की स्मृति में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. बी.आर. अंबेडकर जन्मोत्सव साथ समिति द्वारा पुराना बस अड्डा स्थित चार मूर्ति बौद्ध विहार में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, पत्रकार और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
सभा का माहौल श्रद्धा और भावुकता से भरा रहा। उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय संजय लाल सिद्धार्थ के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
समाज सेवा और शिक्षा के लिए समर्पित था जीवन
कार्यक्रम में वक्ताओं ने संजय लाल सिद्धार्थ के जीवन संघर्ष, समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान को विस्तार से याद किया।
वक्ताओं ने कहा कि:
- वे केवल एक सामाजिक कार्यकर्ता नहीं थे
- जरूरतमंदों के लिए हमेशा मददगार बनकर खड़े रहते थे
- गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों की सहायता को उन्होंने अपना मिशन बना लिया था
खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
गरीब बच्चों की पढ़ाई में निभाई अहम भूमिका
सभा में बताया गया कि शहर के कई डिग्री कॉलेजों और इंटर कॉलेजों में गरीब बच्चों के एडमिशन कराने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिन विद्यार्थियों के पास:
- फीस जमा करने के पैसे नहीं होते थे
- पढ़ाई जारी रखने के संसाधन नहीं होते थे
- परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा होता था
उनकी मदद के लिए संजय लाल सिद्धार्थ हमेशा आगे आते थे।
कई विद्यार्थियों की पढ़ाई उनके सहयोग से पूरी हो सकी और आज वे बेहतर जीवन जी रहे हैं।
जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा रहे तत्पर
वक्ताओं ने कहा कि समाज में जहां भी किसी व्यक्ति को मदद की जरूरत होती थी, वहां संजय लाल सिद्धार्थ सबसे पहले पहुंचते थे।
उन्होंने:
- शिक्षा
- सामाजिक सहयोग
- आर्थिक सहायता
- जरूरतमंद परिवारों की मदद
जैसे कार्यों में बिना किसी भेदभाव के लोगों की सहायता की।
लोगों ने कहा कि उनके व्यवहार में हमेशा विनम्रता और सेवा भावना दिखाई देती थी।
“ऐसे व्यक्तित्व समाज में बहुत कम जन्म लेते हैं”
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि संजय लाल सिद्धार्थ ने अपने कार्यों से लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया।
वक्ताओं ने कहा:
- उनका जीवन समाज के लिए समर्पण की मिसाल था
- उन्होंने कभी प्रचार या पहचान की इच्छा नहीं रखी
- उनकी सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी
बड़ी संख्या में पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग
श्रद्धांजलि सभा में कई सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों में:
- एडवोकेट शेर सिंह
- एडवोकेट रामेश्वर दत्त
- समिति अध्यक्ष तरुण कुमार
- कोषाध्यक्ष यशपाल सिंह
- उपाध्यक्ष नितिन कैन
- गौरव बौद्ध
- शारदा
- मनीष गौतम
- एडवोकेट जय सिंह
- ललित
- भानु
- शांति स्वरूप
- पत्रकार जुगनू
सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल रहे।
उनके बताए रास्ते पर चलने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान कई लोगों ने उनके साथ बिताए पलों और सामाजिक कार्यों के अनुभव साझा किए।
सभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने:
- स्वर्गीय संजय लाल सिद्धार्थ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की
- उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया
- समाज सेवा और मानवता के कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही
लोगों ने कहा कि शिक्षा, सेवा और मानवता के लिए किए गए उनके कार्य हमेशा समाज को प्रेरित करते रहेंगे।









