गाजियाबाद में एनएच-24 से सटी LN Electronics कंपनी में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री धुएं और आग की लपटों से घिर गई।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
CNC मशीन ओवरहीट होने से लगी आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में लगी CNC मशीन के ओवरहीट होने के कारण आग की शुरुआत हुई।
बताया जा रहा है कि:
- मशीन से निकली चिंगारी ने आसपास की सामग्री को पकड़ लिया
- फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान मौजूद था
- प्लास्टिक और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई
कुछ ही देर में आग ने पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया।
फैक्ट्री में मची भगदड़
LN Electronics कंपनी में:
- पंखे
- लाइट
- और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
बनाए जाते हैं।
आग लगते ही फैक्ट्री परिसर में मौजूद कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। हालांकि समय रहते अधिकांश कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी बड़े जनहानि की खबर सामने नहीं आई।
कई किलोमीटर दूर से दिखा धुएं का गुबार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में:
- पूरे परिसर से काले धुएं का गुबार उठने लगा
- आग की ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं
- एनएच-24 से गुजर रहे वाहन चालकों में भी दहशत फैल गई
कई लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर विभाग को घटना की सूचना दी।
50 से ज्यादा दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
आग की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद के अलावा आसपास के जिलों से भी दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया।
करीब:
- 50 से अधिक फायर ब्रिगेड वाहन
- दर्जनों दमकल कर्मी
- राहत एवं बचाव टीमें
घटनास्थल पर तैनात की गईं।
दमकल विभाग को आग बुझाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि फैक्ट्री में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और प्लास्टिक सामग्री लगातार आग को बढ़ावा दे रही थी।
आसपास की फैक्ट्रियां भी कराई गईं खाली
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर:
- आसपास स्थित फैक्ट्रियां
- गोदाम
- और अन्य औद्योगिक यूनिट्स
को भी खाली करा दिया।
अधिकारियों को आशंका थी कि यदि आग फैलती तो नुकसान और अधिक बढ़ सकता था।
पुलिस ने संभाला ट्रैफिक
एनएच-24 के किनारे फैक्ट्री होने के कारण सड़क पर भीड़ बढ़ने लगी थी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने:
- इलाके को घेर लिया
- ट्रैफिक डायवर्ट किया
- लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की अपील की
ताकि राहत एवं बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका
फैक्ट्री में लगी आग से:
- कई मशीनें
- तैयार माल
- कच्चा माल
- और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
पूरी तरह जलकर राख हो गए।
हालांकि प्रशासन अभी नुकसान का आंकलन कर रहा है, लेकिन शुरुआती अनुमान के अनुसार करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि:
- फैक्ट्रियों में नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट होना चाहिए
- सुरक्षा उपकरणों की जांच जरूरी है
- अग्निशमन सिस्टम पूरी तरह सक्रिय रहना चाहिए
ताकि ऐसी घटनाओं को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।
जांच में जुटा प्रशासन
दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि:
- आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है
- फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की जांच होगी
- फायर सेफ्टी नियमों के पालन की भी समीक्षा की जाएगी
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस भीषण आग ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।







