गाजियाबाद में हिण्डन बैराज के पास उस समय हड़कंप मच गया जब महापौर सुनीता दयाल ने दो बच्चों को कथित रूप से गौवंश के अवशेष नदी में फेंकने के लिए ले जाते हुए पकड़ लिया। घटना के बाद इलाके में तनाव और चर्चा का माहौल बन गया है।
महापौर ने मामले को गंभीर बताते हुए मदरसे की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
हिण्डन बैराज के पास संदिग्ध हालात में मिले बच्चे
जानकारी के अनुसार महापौर सुनीता दयाल वसुंधरा की ओर जा रही थीं। इसी दौरान हिण्डन बैराज के पास सड़क किनारे दो बच्चे संदिग्ध स्थिति में दिखाई दिए।
बताया जा रहा है कि:
- बच्चे साइकिल के साथ खड़े थे
- उनके पास एक कट्टा मौजूद था
- आसपास कूड़ा फैला हुआ था
संदेह होने पर महापौर ने अपनी गाड़ी रुकवाई और बच्चों से पूछताछ शुरू की।

पूछताछ में सामने आई कथित जानकारी
महापौर के अनुसार शुरुआत में बच्चे कुछ नहीं बोले, लेकिन सख्ती से पूछने पर उन्होंने बताया कि वे नदी में “सामान” फेंकने आए हैं।
जब कट्टे में मौजूद सामान के बारे में पूछा गया तो बच्चों ने कथित रूप से बताया कि उसमें गाय के मांस और अवशेष हैं।
यह सुनते ही मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए और आसपास भीड़ जमा हो गई।
मदरसे से भेजे जाने का कथित दावा
महापौर सुनीता दयाल ने दावा किया कि बच्चों ने पूछताछ में बताया:
- उन्हें कनावनी स्थित एक मदरसे से भेजा गया था
- मौलाना ने नदी में सामान फेंकने के लिए कहा था
- इससे पहले भी वे इसी तरह सामान नदी में डाल चुके हैं
हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही:
- डीसीपी ट्रांस हिंडन
- स्थानीय पुलिस
- और अन्य अधिकारी
मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने:
- बच्चों को हिरासत में लिया
- कथित अवशेष कब्जे में लिए
- सैंपल जांच के लिए भेजे
- और संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू की
बाद में मौके पर पहुंचे मौलाना और उनके कुछ साथियों को भी पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया।
महापौर ने उठाए गंभीर सवाल
महापौर सुनीता दयाल ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि:
- सनातन धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है
- गौहत्या और गौवंश अवशेष फेंकना धार्मिक भावनाओं को आहत करता है
- यदि बच्चों को इस प्रकार के कार्यों में लगाया जा रहा है तो यह बेहद गंभीर विषय है
उन्होंने कहा कि मदरसे शिक्षा और संस्कार का केंद्र होने चाहिए, न कि विवादों का कारण।

नदियों की सफाई पर भी जताई चिंता
महापौर ने यह भी कहा कि:
- सरकार नदियों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है
- लेकिन कुछ लोग नदी को गंदा करने का काम कर रहे हैं
- इससे पर्यावरण और धार्मिक आस्था दोनों प्रभावित होती हैं
उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इलाके में तनाव, प्रशासन अलर्ट
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं प्रशासन ने लोगों से:
- शांति बनाए रखने
- अफवाहों से बचने
- और सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री साझा न करने
की अपील की है।
पुलिस बोली- जांच रिपोर्ट के बाद होगी पुष्टि
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:
- कथित अवशेषों की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है
- रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि अवशेष किस पशु के हैं
- सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है
अधिकारियों ने कहा कि बिना पुष्टि किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
सामाजिक सौहार्द पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर:
- धार्मिक संवेदनशीलता
- सामाजिक सौहार्द
- और शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी
जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।







