उत्तराखंड में खाद्यान्न और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की उपलब्धता तथा कीमतों को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की स्थिति का जायजा लिया। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम जनता को रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं उचित दरों पर बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक में मुख्य सचिव ने आयुक्त खाद्य बी.एल. राणा से प्रदेश में खाद्यान्न, ईंधन और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की उपलब्धता एवं मूल्य स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बाजार में खाद्य सामग्री, डीजल, पेट्रोल, एलपीजी गैस तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों और उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी स्थिति में आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और बाजारों में वस्तुओं की कीमतों पर नजर बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी, जमाखोरी या कृत्रिम अभाव पैदा करने की कोशिश की जाती है, तो ऐसे तत्वों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने बाजारों, गोदामों और थोक विक्रेताओं के यहां नियमित निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों से कहा गया कि वे समय-समय पर स्टॉक की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई व्यापारी जरूरत की वस्तुओं को छिपाकर अधिक कीमत पर बेचने का प्रयास न करे।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि प्रदेश सरकार आम जनता को राहत देने और बाजार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से चारधाम यात्रा से जुड़े जिलों में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और मूल्य नियंत्रण पर अतिरिक्त ध्यान दिया जाए। चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने से कई क्षेत्रों में मांग बढ़ जाती है, ऐसे में खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई और मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में सरकार द्वारा नियमित निगरानी और निरीक्षण अभियान चलाना बेहद जरूरी हो जाता है। इससे बाजार में कृत्रिम संकट उत्पन्न करने वाले लोगों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है और उपभोक्ताओं को राहत मिलती है।
बैठक में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर डॉ. एम.एस. विसेन, रीजनल मार्केटिंग ऑफिसर सी.एम. घिल्डियाल तथा उपायुक्त निधि रावत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रदेश में खाद्यान्न वितरण, बाजार नियंत्रण और आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी तैयारियों की जानकारी भी मुख्य सचिव को दी।
राज्य सरकार के इस सख्त रुख को आम जनता के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नियमित निगरानी और कड़ी कार्रवाई से न केवल बाजार व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि लोगों को आवश्यक वस्तुएं उचित कीमत पर उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आम नागरिकों की सुविधा और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








