गाजियाबाद यशोदा मेडिसिटी में ‘मॉम-टू-बी कार्निवल’ का आयोजन, गर्भवती महिलाओं को दिए गए मां और नवजात की देखभाल के टिप्स
प्रसव की तैयारी से लेकर स्तनपान और डिलीवरी के बाद रिकवरी तक, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने साझा की महत्वपूर्ण जानकारियां
गाजियाबाद। गर्भावस्था के दौरान मां और गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत का ध्यान रखना जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण प्रसव के लिए तैयारी करना और जन्म के बाद नवजात शिशु की सही देखभाल करना भी है। इसी उद्देश्य से यशोदा मेडिसिटी के यशोदा क्रेडल एंड चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल की ओर से ‘यशोदा मॉम-टू-बी कार्निवल’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में होने वाले माता-पिता को गर्भावस्था, प्रसव, स्तनपान, डिलीवरी के बाद रिकवरी और नवजात शिशु की देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दूर की अभिभावकों की शंकाएं
कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी और पीडियाट्रिक्स विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से माता-पिता को जागरूक किया। विशेषज्ञों ने बताया कि माता-पिता बनने की तैयारी केवल नियमित मेडिकल चेकअप तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसके लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार रहना भी जरूरी है।
इस अवसर पर ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं हेड डॉ. जे. बी. शर्मा, प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. वंदना जैन और डॉ. प्रेरणा सिंघल ने गर्भावस्था और प्रसव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की। वहीं, पीडियाट्रिक सर्जरी एवं पीडियाट्रिक यूरोलॉजी विभाग की प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं हेड डॉ. मीनू बाजपेयी और पीडियाट्रिक्स विभाग के डायरेक्टर एवं हेड डॉ. नरेंद्र कुमार झा ने नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और देखभाल से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
स्तनपान और डिलीवरी के बाद रिकवरी पर विशेष जोर
कार्निवल के दौरान गर्भावस्था में जरूरी सावधानियों, प्रसव की तैयारी, डिलीवरी के बाद मां के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, स्तनपान के महत्व और नवजात शिशु की शुरुआती देखभाल पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही गर्भावस्था से पहले और गर्भावस्था के दौरान आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन तथा स्तनपान से संबंधित काउंसलिंग भी दी गई।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि सही जानकारी और समय पर चिकित्सकीय परामर्श मिलने से होने वाले माता-पिता अपनी चिंताओं को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और बच्चे के जन्म के बाद आने वाली जिम्मेदारियों के लिए तैयार हो सकते हैं। कार्यक्रम में अभिभावकों को विशेषज्ञों से सीधे बातचीत करने और अपने सवालों के जवाब प्राप्त करने का अवसर भी मिला।
खेल और केक कटिंग के साथ बना उत्सव का माहौल
‘यशोदा मॉम-टू-बी कार्निवल’ में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के साथ मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खेलों और केक कटिंग के जरिए उत्सव का माहौल बनाया गया। इस पहल का उद्देश्य होने वाले माता-पिता को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना था, जहां वे विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेने के साथ गर्भावस्था और पैरेंटहुड के नए सफर को लेकर अपने अनुभव और सवाल साझा कर सकें।
सही जानकारी और भावनात्मक सहयोग जरूरी, डॉ. पी. एन. अरोड़ा
यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पी. एन. अरोड़ा ने कहा कि माता-पिता बनने की तैयारी के लिए भरोसेमंद मेडिकल जानकारी, व्यावहारिक मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘यशोदा मॉम-टू-बी कार्निवल’ जैसी पहलों का उद्देश्य परिवारों को मातृ एवं नवजात शिशु की देखभाल बेहतर ढंग से समझने में मदद करना और उन्हें जीवन के इस नए चरण का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए तैयार करना है।
वहीं, डॉ. जे. बी. शर्मा ने कहा कि नियमित मेडिकल चेकअप के साथ होने वाले माता-पिता को प्रसव, डिलीवरी के बाद रिकवरी, स्तनपान और नवजात शिशु की देखभाल से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी भी मिलनी चाहिए। ऐसे कार्यक्रम उनकी चिंताओं को दूर करने और उन्हें आने वाले समय के लिए तैयार करने में मददगार साबित होते हैं।
यशोदा मेडिसिटी में ऑब्सटेट्रिक्स, गायनेकोलॉजी और पीडियाट्रिक्स विभागों के विशेषज्ञों के माध्यम से माताओं और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर ध्यान दिया जाता है। अस्पताल की इस पहल का उद्देश्य चिकित्सा सुविधाओं के साथ जागरूकता और सही जानकारी को बढ़ावा देना है, ताकि परिवार गर्भावस्था से लेकर प्रसव और नवजात शिशु की शुरुआती देखभाल तक हर चरण के लिए आत्मविश्वास के साथ तैयार हो सकें।






