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क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, गाजियाबाद के 29 वर्ष पूरे: 2025 की उपलब्धियां और 2026 की नई तैयारियां

BPC News National Desk
4 Min Read

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO), गाजियाबाद ने अपने स्थापना के 29 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस मौके पर वर्ष 2025 में हासिल की गई उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई और वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित नई योजनाओं और तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पासपोर्ट कार्यालय गाजियाबाद के वरिष्ठ अधिकारी आईएफएस अनुज स्वरूप ने बताया कि गाजियाबाद क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले मेरठ और गौतमबुद्धनगर जिलों में बढ़ती आबादी और पासपोर्ट सेवाओं की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए विदेश मंत्रालय के निर्देश पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

मेरठ और गौतमबुद्धनगर में स्पेस बढ़ाने की तैयारी

अनुज स्वरूप ने जानकारी दी कि इन दोनों जिलों के लिए अतिरिक्त स्थान (स्पेस) की मांग डिपार्टमेंट ऑफ कोस (Department of POS) से की गई थी, जिसे अब सुनिश्चित कर लिया गया है और जल्द ही स्थान उपलब्ध होने की प्रबल संभावना है। उन्होंने कहा कि जैसे ही नया स्थान मिलेगा, वहां काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे आम नागरिकों को पासपोर्ट सेवाएं और अधिक सुगमता व तेजी से मिल सकेंगी।

मौजूदा स्थिति: सीमित काउंटर, बढ़ती मांग

उन्होंने बताया कि:

  • मेरठ जिले में फिलहाल केवल 2 काउंटर संचालित हैं, जहां प्रतिदिन लगभग 100 अपॉइंटमेंट दिए जा रहे हैं।

  • गौतमबुद्धनगर जिले में भी 2 काउंटर हैं, लेकिन स्थान की कमी के कारण प्रतिदिन केवल 80 अपॉइंटमेंट ही संभव हो पा रहे हैं।

इस वजह से कई बार नागरिकों को अपॉइंटमेंट के लिए इंतजार करना पड़ता है। अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होते ही यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।

2025 की बड़ी उपलब्धियां

वर्ष 2025 की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए आरपीओ गाजियाबाद ने बताया कि बीते वर्ष कार्यालय द्वारा:

  • करीब 3.5 लाख पासपोर्ट सेवाएं

  • और लगभग 11 हजार पीसीसी (Police Clearance Certificate) सेवाएं
    प्रदान की गईं।

यह आंकड़ा वर्ष 2024 की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है, जो कार्यालय की कार्यकुशलता, सेवा विस्तार और बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है।

2026 के लिए लक्ष्य और तैयारियां

अनुज स्वरूप ने विश्वास जताया कि यदि इसी गति से कार्य जारी रहा, तो वर्ष 2026 में पासपोर्ट सेवाओं का आंकड़ा 3.75 लाख (3,75,000) से अधिक पहुंच सकता है। इसके लिए:

  • तकनीकी सुधार,

  • मानव संसाधन का सुदृढ़ीकरण,

  • और बुनियादी ढांचे के विस्तार
    पर लगातार काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कार्यालय का उद्देश्य है कि हर नागरिक को तेज, पारदर्शी और परेशानी-मुक्त सेवाएं मिलें।

नागरिक-केंद्रित सेवा पर जोर

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय गाजियाबाद का लक्ष्य है कि नागरिकों को पारदर्शी, त्वरित और नागरिक-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि विदेश यात्रा से जुड़ी औपचारिकताओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में डिजिटल प्रक्रियाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि अपॉइंटमेंट बुकिंग से लेकर पासपोर्ट डिलीवरी तक का पूरा सिस्टम और अधिक सुचारू बन सके।

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