चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टीएचडीसी विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में हुई लोको ट्रेनों की टक्कर की घटना के बाद प्रशासन ने मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बुधवार को टीएचडीसी एवं एचसीसी अधिकारियों के साथ घटनास्थल सहित पूरी सुरंग का संयुक्त निरीक्षण किया।
कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों की गहन जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने:
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सुरंग के भीतर चल रही कार्यप्रणाली
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लोको संचालन प्रणाली
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सिग्नल व्यवस्था
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आपातकालीन सुरक्षा मानक
का बारीकी से जायजा लिया।
टीएचडीसी और एचसीसी अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी भी ली गई।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
जिलाधिकारी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए।
साथ ही, टीएचडीसी के महाप्रबंधक को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और सभी तकनीकी व मानवीय सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोहराई न जाए, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

एंट्री-एग्जिट रजिस्टर की सख्त निगरानी
डीएम ने कार्यस्थल पर श्रमिकों के एंट्री-एग्जिट रजिस्टर का भी अवलोकन किया।
उन्होंने इसे नियमित रूप से अपडेट रखने और कड़ी निगरानी में रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सटीक जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।
कैसे हुआ था हादसा
उल्लेखनीय है कि मंगलवार रात शिफ्ट परिवर्तन के दौरान सुरंग के अंदर मजदूरों के आवागमन में उपयोग की जा रही दो लोको ट्रेनों की आपसी टक्कर हो गई थी।
उस समय सुरंग में कुल 109 श्रमिक मौजूद थे।
संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही:
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प्रशासन
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पुलिस
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स्वास्थ्य विभाग
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परियोजना प्रबंधन
ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई और स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।
निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान:
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टीएचडीसी महाप्रबंधक अजय वर्मा
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प्रबंधक के.पी. सिंह
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एचसीसी के विनोद कुमार (पीएम)
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विजय शंकर सरोज (वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी)
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एसडीएम आर.के. पाण्डेय
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पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट
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प्रभारी निरीक्षक अनुरोध व्यास
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चौकी प्रभारी पूनम खत्री
सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मजदूरों की सुरक्षा को प्राथमिकता
यह निरीक्षण और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश परियोजना में कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भविष्य में सख्त निगरानी
डीएम और एसपी ने स्पष्ट किया कि आगे भी परियोजना स्थल पर नियमित निरीक्षण किए जाएंगे।
सभी एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।










