उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा स्थल Auli में 13 से 16 फरवरी 2026 तक आयोजित नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप एंड विंटर कार्निवल 2026 का भव्य समापन हो गया।
चार दिवसीय इस आयोजन में:
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17 राज्यों के खिलाड़ी शामिल हुए
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Indo-Tibetan Border Police, CRPF और सेना की टीमें भी पहुंचीं
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15,000 से अधिक पर्यटकों ने हिस्सा लिया
कार्यक्रम में स्की रेस, स्नो मैराथन, स्नो-शू रेस, बच्चों के स्नो गेम्स और स्नो योगा जैसी गतिविधियों ने रोमांच का माहौल बनाया।
विजेता और सम्मान
इस चैंपियनशिप में:
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Himachal Pradesh ने ओवरऑल खिताब जीता
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Aanchal Thakur को बेस्ट स्कीयर घोषित किया गया
उत्सव के बाद सामने आई बड़ी समस्या
आयोजन के समाप्त होते ही एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या सामने आई।
बर्फीली ढलानों और ट्रेल्स पर भारी मात्रा में कचरा पाया गया, जिसमें शामिल थे:
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प्लास्टिक बोतलें
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फूड पैकेजिंग
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गैर-जैविक कचरा
यह कचरा हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी के लिए बड़ा खतरा बन गया।
शुरू हुआ बड़ा सफाई अभियान
स्थिति को देखते हुए:
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विंटर गेम्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड
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Joshimath नगर पालिका
ने संयुक्त सफाई अभियान शुरू किया।
अब तक:
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13 क्विंटल (लगभग 1300 किलोग्राम) प्लास्टिक कचरा हटाया जा चुका है
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स्थानीय टीमें, स्वयंसेवक और अधिकारी लगातार सफाई में जुटे हैं
सफाई में आ रही चुनौतियां
उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सफाई आसान नहीं है।
मुख्य चुनौतियां:
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बर्फ के नीचे छिपा कचरा
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कठिन मौसम परिस्थितियां
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सीमित पहुंच वाले क्षेत्र
फिर भी अभियान तेजी से जारी है।
प्रशासन की अपील
स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है:
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प्लास्टिक-मुक्त यात्रा करें
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कचरा निर्धारित स्थानों पर डालें
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“कैरी-बैक” नियम अपनाएं
सस्टेनेबल टूरिज्म पर फिर जोर
यह घटना दिखाती है कि संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर बड़े आयोजनों के दौरान सस्टेनेबल टूरिज्म कितना जरूरी है।
उत्तराखंड सरकार पहले भी कचरा प्रबंधन को लेकर कदम उठा चुकी है, लेकिन यह घटना जागरूकता की जरूरत को फिर से उजागर करती है।
अधिकारी का बयान
अभियान में शामिल एक अधिकारी ने कहा:
“आयोजन सफल रहा, लेकिन हमारी जिम्मेदारी है कि प्रकृति को उतना ही स्वच्छ छोड़ें जितना हमने पाया था।”
निष्कर्ष
सफाई अभियान अभी कई दिनों तक जारी रहेगा, ताकि औली की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण सुरक्षित रह सके।







