गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र के चिरौडी गांव के पास दो दिन पहले मिले युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में सामने आया है कि युवक की हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उसके अपने ही दोस्त और चचेरे भाई ने मिलकर की थी।
पुलिस ने इस मामले में मृतक के चचेरे भाई बादल और उसके दोस्त चिंटू को गिरफ्तार कर लिया है।
शराब पीते समय हुआ विवाद, गला घोंटकर की हत्या
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बताया गया कि मृतक आकाश अपने चचेरे भाई बादल और दोस्त चिंटू के साथ बैठकर शराब पी रहा था।
इसी दौरान किसी बात को लेकर तीनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर बादल और चिंटू ने आकाश का गला घोंटकर हत्या कर दी।
शव को चिरौडी गांव के पास फेंककर हुए फरार
हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने आकाश के शव को चिरौडी गांव के पास फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
पुलिस को दो दिन पहले युवक का शव मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी।
शराब की बोतल बनी अहम सुराग
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में घटनास्थल पर मिली शराब की खाली बोतल अहम सबूत साबित हुई।
पुलिस ने बोतल पर मौजूद बारकोड को स्कैन किया। इससे यह पता चल गया कि शराब किस ठेके से और किस समय खरीदी गई थी।
सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना से खुला राज
बारकोड की जानकारी के बाद पुलिस ने संबंधित ठेके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
इसके साथ ही मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
एक ही गांव के रहने वाले हैं मृतक और आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मृतक आकाश और दोनों आरोपी एक ही गांव के रहने वाले हैं।
तीनों के बीच पहले से जान-पहचान थी और अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे।
आरोपियों को भेजा गया जेल
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और सटीक जांच के चलते इस हत्याकांड का जल्द खुलासा हो सका।
शराब बना जानलेवा, गांव में मातम
इस घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों ने शराब के बढ़ते चलन पर भी सवाल उठाए हैं।










