डासना नगर पंचायत क्षेत्र में एक बार फिर डासना अवैध कब्ज़ा का मामला सामने आया है। सरकारी और न्यायालय में विचाराधीन भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्ज़े के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इस पूरे मामले को लेकर धौलाना विधानसभा से पूर्व विधायक असलम चौधरी ने प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।
खसरा संख्या 1233 और 1238 पर अवैध कब्ज़े का आरोप
पूर्व विधायक असलम चौधरी के अनुसार, खसरा संख्या 1233 और 1238 पर भूमाफिया आज़ाद और उसके साथियों ने अवैध कब्ज़ा कर लिया है। आरोप है कि यहां पर प्लॉटिंग कर कॉलोनी और मार्केट विकसित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, यह भी कहा गया है कि कई बार नगर पंचायत और राजस्व विभाग को लिखित शिकायत दी गई। इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सरकारी भूमि पर मार्केट निर्माण से राजस्व नुकसान की आशंका
जानकारी के मुताबिक, खसरा संख्या 1233 सरकारी भूमि है। आरोप है कि यहां पर अवैध रूप से मार्केट का निर्माण कर लिया गया है।
यदि यह सही है, तो इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य खुलेआम जारी है।
न्यायालय में विचाराधीन भूमि पर भी निर्माण जारी
वहीं दूसरी ओर, खसरा संख्या 1238 का मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद, वहां चारदीवारी कर अवैध रूप से मार्केट विकसित किए जाने का आरोप लगाया गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह बेहद गंभीर मामला है। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से सख़्ती नहीं दिखाई जा रही है।
एफआईआर के बाद भी नहीं रुका निर्माण
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही भूमाफिया आज़ाद और उसके साथियों के खिलाफ सरकारी भूमि पर कब्ज़ा, अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत कॉलोनी बसाने के आरोप में अभियोग दर्ज किया गया है।
इसके बावजूद, अवैध गतिविधियां लगातार जारी रहने का दावा किया जा रहा है।
असलम चौधरी ने प्रशासन पर उठाए सवाल
पूर्व विधायक असलम चौधरी ने कहा कि जब मामला न्यायालय में है और एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
उन्होंने यह भी पूछा कि प्रशासन इस पूरे मामले पर चुप क्यों है। इससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।

स्थानीय लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में और भी सरकारी जमीन पर कब्ज़ा हो सकता है।
इसके अलावा, लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध निर्माण तुरंत रोका जाए और दोषियों पर सख़्त कार्रवाई की जाए।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और नगर पंचायत पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि प्रशासन कब और क्या कदम उठाता है।
लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में सख़्त कार्रवाई की जाएगी।










