गाजियाबाद के दिल्ली गेट क्षेत्र में देर रात एक पत्रकार पर हुए हमले के बाद विभिन्न संगठनों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर सामाजिक और किसान संगठनों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है।
भाकियू क्रांति ने जताया गहरा दुख
इस घटना पर भारतीय किसान यूनियन (क्रांति) ने गहरा दुख व्यक्त किया है और इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया है। संगठन का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में भय का माहौल पैदा करती हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने की कड़ी निंदा
भाकियू क्रांति के प्रदेश अध्यक्ष परविंदर सिंह यादव ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह हमला केवल एक पत्रकार पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है, जो सच को सामने लाने का कार्य करता है, ऐसे में उस पर हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
पत्रकारों की सुरक्षा पर उठे सवाल
उन्होंने अपने बयान में कहा कि दिल्ली गेट क्षेत्र में हुई इस घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता कैसे संभव हो पाएगी, यह एक बड़ा प्रश्न है।
पुलिस-प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग
परविंदर सिंह यादव ने पुलिस-प्रशासन से मांग की कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए और हमले में शामिल सभी आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
संगठन ने जताया समर्थन
भाकियू क्रांति ने स्पष्ट किया कि संगठन हमेशा पत्रकारों के सम्मान और उनकी सुरक्षा के पक्ष में खड़ा रहा है और आगे भी खड़ा रहेगा। संगठन की ओर से घायल पत्रकार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की गई और इस कठिन समय में पूरा समर्थन देने की बात कही गई।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजरें
इस घटना के बाद गाजियाबाद में पत्रकारों और सामाजिक संगठनों के बीच आक्रोश का माहौल बना हुआ है। अब सभी की नजरें पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि आरोपियों के खिलाफ कब तक सख्त कदम उठाए जाते हैं।








