गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट के नाम से मिलते-जुलते फर्जी डोमेन बनाने की कोशिश का खुलासा किया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने साइबर क्राइम सेल में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करा दी है।
प्राधिकरण ने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों द्वारा ऐसे डोमेन नाम तैयार करने का प्रयास किया गया, जो GDA की आधिकारिक वेबसाइट से मिलते-जुलते हैं और जिनका इस्तेमाल आम जनता को गुमराह करने या ठगी के लिए किया जा सकता था।
आधिकारिक वेबसाइट यही हैं — बाकी से सावधान
GDA ने स्पष्ट किया कि केवल ये दो ही आधिकारिक पोर्टल वैध हैं:
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मुख्य वेबसाइट: gdaghaziabad.in
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FCFS योजना पोर्टल: gdafcfs.gdaghaziabad.in
इनके अलावा किसी भी समान नाम वाली वेबसाइट से प्राधिकरण का कोई संबंध नहीं है।
उपाध्यक्ष के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई
GDA के उपाध्यक्ष के निर्देश पर साइबर क्राइम में तुरंत शिकायत दर्ज कराई गई। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्राधिकरण ने रणनीतिक कदम उठाते हुए सभी संभावित मिलते-जुलते डोमेन नामों को अधिग्रहित करने का फैसला किया है।
फर्जी साइटों से ऐसे हो सकती है ठगी
प्राधिकरण के अनुसार, धोखेबाज निम्न तरीकों से लोगों को निशाना बना सकते हैं:
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संपत्ति आवंटन के नाम पर फर्जी आवेदन
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ऑनलाइन भुगतान की मांग
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नकली रजिस्ट्रेशन लिंक
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व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी हासिल करना
नागरिकों के लिए GDA की सलाह
GDA ने आमजन से अपील की है:
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केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें
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संदिग्ध लिंक, ईमेल या मैसेज से सावधान रहें
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किसी भी अनजान साइट पर भुगतान या निजी जानकारी साझा न करें
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संदेह होने पर हेल्पलाइन 0120-4418384 पर संपर्क करें
बढ़ते साइबर खतरे का संकेत
यह घटना सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे को दर्शाती है। GDA ने भरोसा दिलाया है कि कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ तकनीकी उपायों के जरिए भविष्य में ऐसी साजिशों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।






