सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर चमोली जिले में यातायात पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। यह कार्यक्रम चमोली टैक्सी यूनियन परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में टैक्सी चालक, यूनियन पदाधिकारी एवं आम नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) त्रिवेंद्र सिंह राणा ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण तेज गति, यातायात नियमों की अनदेखी, नशे की हालत में वाहन चलाना, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी और अनुशासन से अधिकांश दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

यातायात निरीक्षक दिगंबर उनियाल ने मुख्य वक्ता के रूप में टैक्सी चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने चालकों को निम्न बातों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी:
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निर्धारित गति सीमा का पालन
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सुरक्षित और सही तरीके से ओवरटेकिंग
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पैदल यात्रियों के अधिकारों का सम्मान
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वाहन की नियमित सर्विसिंग
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धैर्य और संयम के साथ ड्राइविंग
उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार चालक बनकर वे न केवल अपनी जान, बल्कि यात्रियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
अभियान के दौरान यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता पम्पलेट भी वितरित किए गए, जिनमें हेलमेट, सीट बेल्ट, मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, शराब पीकर वाहन न चलाने जैसे नियमों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के अंत में चमोली टैक्सी यूनियन के सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित वाहन संचालन का संकल्प लिया।
यातायात पुलिस चमोली ने इस अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
“सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित जीवन” — यही सड़क सुरक्षा माह का मूल उद्देश्य है।









