पिथौरागढ़ जिले में मानव तस्करी पर रोक लगाने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), धारचूला पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने बड़ी संयुक्त कार्रवाई शुरू की है। सोमवार को तीनों एजेंसियों ने सीमा क्षेत्र में विशेष बैठक के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाकर तस्करों पर शिकंजा कस दिया।
यह अभियान नेपाल से अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराई जा रही युवतियों और नाबालिगों की तस्करी को रोकने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
संयुक्त बैठक के बाद शुरू हुआ विशेष अभियान
धारचूला स्थित SSB कैंप में तीनों सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें रणनीति तैयार की गई। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय पुल और झूला पुल पर चौबीसों घंटे निगरानी बढ़ा दी गई।
अभियान के तहत उठाए गए प्रमुख कदम
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अंतरराष्ट्रीय पुल और झूला पुल पर 24×7 सघन चेकिंग
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आने-जाने वालों की पहचान पत्र व दस्तावेजों की जांच
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संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की तलाशी
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बायोमेट्रिक रिकॉर्ड संकलन
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होटल संचालकों और ग्राम पंचायतों को जागरूकता प्रशिक्षण
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रात में CCTV और हाई फोकस लाइटिंग की व्यवस्था
AHTU का बयान
AHTU प्रभारी इंस्पेक्टर मीरा नेगी ने कहा:
“नेपाल से लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर भारत लाया जाता है और फिर गलत गतिविधियों में धकेला जाता है। हमने जीरो टॉलरेंस अपनाई है। अब बिना वैध दस्तावेज सीमा पार करना संभव नहीं होगा।”
SSB का सख्त रुख
SSB कमांडेंट ने बताया कि झूला पुल पर अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई है और संदेहास्पद गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
लोगों को किया जा रहा जागरूक
धारचूला, तवाघाट और गर्ब्यांग क्षेत्रों में पोस्टर लगाए गए हैं जिन पर लिखा है:
“अपनी बेटी को अजनबी के साथ न भेजें। संदेह होने पर 112 या 1098 पर सूचना दें।”
SSP पिथौरागढ़ का बयान
SSP प्रह्लाद नारायण मीणा ने कहा:
“सीमा की सुरक्षा से ही राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। मानव तस्करी संगठित अपराध है और इसके खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।”










