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हरिद्वार में बड़ा फैसला: होटल-ढाबों में मांस और अंडे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की तैयारी

BPC News National Desk
3 Min Read

धार्मिक नगरी Haridwar के नगर निगम क्षेत्र में मांस और अंडे की बिक्री को लेकर एक बड़ा और सख्त कदम उठाया गया है। Haridwar Municipal Corporation की हालिया बैठक में उपविधियों (Bylaws) में संशोधन का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसके तहत पूरे नगर निगम क्षेत्र में कच्चे और पके मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी है।

बैठक की अध्यक्षता महापौर किरण जैसल ने की।

क्या है प्रस्तावित बदलाव?

संशोधित उपविधियों के तहत:

  • होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में कच्चे और पके मांस की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित होगी

  • अंडों की बिक्री पर भी स्पष्ट प्रतिबंध लगाया जाएगा

  • मांस बिक्री केवल नगर निगम द्वारा सराय क्षेत्र में निर्मित अधिकृत मीट मार्केट तक सीमित रहेगी

  • दुकानों की नीलामी होगी और केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं को अनुमति मिलेगी

पहले ज्वालापुर क्षेत्र को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में प्रतिबंध था, लेकिन अब यह नियम पूरे नगर निगम क्षेत्र में समान रूप से लागू किया जाएगा।

कब से लागू होगा नियम?

  • प्रस्ताव को मार्च 2026 की नगर निगम बोर्ड बैठक में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा

  • स्वीकृति के बाद जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे

  • विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियम लागू होंगे

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?

बैठक में:

  • उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी

  • मुख्य सफाई निरीक्षक संजय शर्मा

  • अन्य नगर निगम अधिकारी

  • भैरव सेना के सदस्य

मौजूद रहे।

पृष्ठभूमि और महत्व

हरिद्वार लंबे समय से एक ‘शाकाहारी शहर’ के रूप में जाना जाता है। यहां धार्मिक आस्था और तीर्थयात्रियों की भावनाओं का विशेष महत्व है।

पहले से ही कई इलाकों में मांस बिक्री पर रोक है और मांस दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है। सराय क्षेत्र में विकसित मीट मार्केट इसी नीति का हिस्सा है।

नगर निगम का मानना है कि:

  • इससे शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी

  • स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी

  • तीर्थयात्रियों की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित होगा

व्यापारियों पर क्या असर?

यदि नियम लागू होता है:

  • होटल और ढाबा संचालकों को मेन्यू में बदलाव करना होगा

  • नॉन-वेज फूड सर्व करने वाले व्यवसाय प्रभावित हो सकते हैं

  • लाइसेंस प्राप्त मीट मार्केट में ही सीमित व्यापार संभव होगा

आगे क्या?

मार्च बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद:

  1. आपत्तियों की सुनवाई होगी

  2. अंतिम अधिसूचना जारी होगी

  3. नियम प्रभावी रूप से लागू किए जाएंगे

अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप लेता है, तो हरिद्वार में होटल-ढाबों में नॉन-वेज फूड पूरी तरह बंद हो सकता है।

निष्कर्ष

यह फैसला हरिद्वार की धार्मिक पवित्रता और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, इससे जुड़े सामाजिक और व्यावसायिक पहलुओं पर भी चर्चा जारी है।

👉 क्या आपको लगता है कि यह निर्णय सही दिशा में है? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।

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