ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से जारी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों और सरकारी दमन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में 2,000 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं, जबकि हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच अमेरिकी मीडिया और सोशल मीडिया पर यह दावा तेज़ी से फैल रहा है कि अमेरिका ईरान पर सैन्य हमला करने की तैयारी में है, जो अगले कुछ घंटों में हो सकता है।
NEXTA TV और मीडिया रिपोर्ट्स का दावा
यह दावा मुख्य रूप से NEXTA TV सहित कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया स्रोतों के हवाले से सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों पर जारी हिंसा के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और सैन्य विकल्पों पर विचार तेज़ कर दिया है।
ट्रंप के तीखे बयान: “Help is on the way”
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“ईरानी देशभक्त, विरोध जारी रखें — अपनी संस्थाओं पर कब्जा कर लें!!! मदद रास्ते में है।”
उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं और कहा है कि प्रदर्शनकारियों की “बेकार हत्या” रुकने तक कोई बातचीत नहीं होगी।
ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रखता है या उन्हें फांसी देता है, तो अमेरिका “बहुत मजबूत कार्रवाई” करेगा। उन्होंने कहा,
“We are locked and loaded and ready.”
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि ट्रंप ने ईरान पर हमले की योजना को मंजूरी दे दी है, हालांकि अंतिम आदेश अभी सार्वजनिक रूप से जारी नहीं हुआ है। संभावित लक्ष्यों में ईरान के परमाणु ठिकाने, जैसे फोर्डो, शामिल हो सकते हैं।
ईरान में क्या हो रहा है?
ईरान में विरोध प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुए, जो:
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आर्थिक संकट,
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महंगाई और बेरोजगारी,
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और शासन के खिलाफ असंतोष
से जुड़े हैं।
प्रदर्शनकारियों ने “खामेनेई मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए और सरकारी संस्थानों पर कब्जे की कोशिश की। इसके जवाब में ईरानी सुरक्षा बलों ने:
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गोलीबारी,
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हजारों गिरफ्तारियां,
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और इंटरनेट ब्लैकआउट
जैसे कदम उठाए।
मानवाधिकार संगठनों ने इसे “अभूतपूर्व पैमाने पर सामूहिक हत्याएं” करार दिया है।
ईरान की चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ईरान ने अमेरिका पर “राजनीतिक अस्थिरता भड़काने” का आरोप लगाया है और चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी हमला हुआ तो अमेरिकी ठिकाने और जहाज वैध लक्ष्य होंगे।
कुछ यूरोपीय और पश्चिमी अधिकारियों का कहना है कि हमले के संकेत काफी मजबूत हैं, लेकिन यह भी संभव है कि ट्रंप प्रशासन की यह बयानबाजी दबाव बनाने की रणनीति हो।
ताजा अपडेट: हमले की आशंका थोड़ी कम?
हालिया खबरों के अनुसार, ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने उन्हें आश्वासन दिया है कि:
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प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रुक गई हैं,
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और कोई फांसी नहीं होगी।
उन्होंने कहा:
“The killing has stopped… there are no plans for executions.”
इससे हमले की आशंका कुछ हद तक कम होती दिख रही है, लेकिन स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।
अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय कदम
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अमेरिका ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
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कतर के अल उदैद एयरबेस से कुछ कर्मचारियों को हटाया गया है।
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क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों की सतर्क निगरानी की जा रही है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
विश्लेषकों का कहना है कि यदि अमेरिका ने हमला किया, तो यह संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिसमें:
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इजराइल,
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रूस,
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और अन्य देश
भी खिंच सकते हैं।
रूस ने भी अमेरिकी धमकियों के खिलाफ चेतावनी जारी की है।
आगे क्या?
फिलहाल स्थिति घड़ी-घड़ी बदल रही है। दुनिया की नजरें व्हाइट हाउस और तेहरान पर टिकी हैं कि:
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क्या अमेरिका वाकई सैन्य कार्रवाई करता है,
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या कूटनीतिक रास्ते से तनाव कम किया जाता है।
ईरान में “help is on the way” का ट्रंप का दावा सच साबित होता है या हालात और बिगड़ते हैं—आने वाले कुछ घंटे बेहद निर्णायक माने जा रहे हैं।








