गाजियाबाद। लोनी क्षेत्र में एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर 27 फरवरी 2026 को हुए जानलेवा हमले के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी सगे भाई थे।
मारे गए 27 वर्षीय जीशान अमरोहा जिले के सैदनगली गांव का रहने वाला था, जबकि उसका बड़ा भाई गुलफाम भी उसी गांव का निवासी है। दोनों भाई कारपेंटर का काम करते थे और गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी में किराए पर रहते थे।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार जीशान कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था और एक उग्र संगठन से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों भाई एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े थे, जिसमें बड़ी संख्या में सदस्य शामिल थे।
आरोप है कि एक पाकिस्तानी मूल के कट्टरपंथी यूट्यूबर की कथित अपील या उकसावे के बाद दोनों भाइयों ने सलीम वास्तिक पर हमला किया। हमले के बाद घटना से जुड़ी तस्वीरें उसी ग्रुप में साझा किए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे पुलिस को महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं।
घटना की पृष्ठभूमि
26 फरवरी 2026 की सुबह करीब 8 बजे लोनी थाना क्षेत्र के अली गार्डन, निथौरा रोड स्थित सलीम वास्तिक के ऑफिस/घर में दो अज्ञात व्यक्ति बाइक से पहुंचे। हमलावरों ने हेलमेट नहीं उतारे और कथित रूप से धारदार हथियार से हमला कर दिया।
इस हमले में सलीम वास्तिक के गले और पेट में गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों भाइयों की पहचान की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान लेने के बाद दोनों आरोपियों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एनकाउंटर में जीशान ढेर, गुलफाम फरार
1 मार्च 2026 की रात लोनी क्षेत्र में पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के दौरान जीशान को गोली लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस कार्रवाई में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
पुलिस के अनुसार जीशान के पास से एक विदेशी निर्मित पिस्टल, कारतूस, घटना में इस्तेमाल हथियार और बाइक बरामद की गई है। वहीं दूसरा आरोपी गुलफाम अभी फरार है और उसकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
डिजिटल एंगल और आगे की जांच
पुलिस अब जीशान के मोबाइल फोन और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। टेलीग्राम ग्रुप, कथित कट्टरपंथी कनेक्शन, हथियारों की सप्लाई चेन और संभावित विदेशी लिंक की जांच की जा रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ‘मुस्लिम आर्मी’ नामक ग्रुप का भी जिक्र सामने आया है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
संवेदनशील मामला, जांच जारी
यह मामला एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर्स पर कथित हमलों की घटनाओं की ओर ध्यान आकर्षित करता है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
नोट: यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस बयानों पर आधारित है। मामले की जांच अभी जारी है और आधिकारिक पुष्टि आगे की जांच के बाद स्पष्ट होगी।








