गाजियाबाद। Ghaziabad पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कौशांबी थाना क्षेत्र के भोवापुर से पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो संवेदनशील स्थानों की जानकारी विदेश भेज रहे थे।
बीट पुलिसिंग से मिला बड़ा सुराग
यह पूरी कार्रवाई गाजियाबाद पुलिस की बीट पुलिसिंग प्रणाली की वजह से संभव हो सकी।
14 मार्च 2026 को बीट ड्यूटी के दौरान आरक्षी विनेश चौधरी को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली, जिसे तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया गया।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका
गिरफ्तार आरोपियों में:
-
सुहेल मलिक उर्फ रोमियो (मुख्य समन्वयक)
-
साने इरम उर्फ महक (महिला सदस्य)
-
प्रवीन
-
राज वाल्मीकि
-
शिवा वाल्मीकि
-
रितिक गंगवार
शामिल हैं।
ये सभी मिलकर जासूसी नेटवर्क चला रहे थे।
संवेदनशील स्थानों की भेजी जा रही थी जानकारी
जांच में सामने आया कि आरोपी:
-
Delhi Cantonment
-
रेलवे स्टेशन
-
सुरक्षा बलों के ठिकाने
जैसे संवेदनशील स्थानों की फोटो और वीडियो बनाकर विदेशी नंबरों पर भेजते थे।
सोलर कैमरे और डिजिटल सबूत बरामद
पुलिस को आरोपियों के पास से:
-
सोलर-पावर्ड कैमरे
-
व्हाट्सएप चैट
-
विदेशी नंबरों से संपर्क
जैसे अहम सबूत मिले हैं।
Sonipat में लगाया गया एक कैमरा भी बरामद किया गया है।
NIA और एजेंसियों की एंट्री
मामले की गंभीरता को देखते हुए National Investigation Agency (NIA) सहित केंद्रीय एजेंसियां जांच में जुट गई हैं।
यह नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर में फैले बड़े जासूसी ऑपरेशन का हिस्सा बताया जा रहा है।
बीट पुलिसिंग बनी मिसाल
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर J. Ravindra Goud द्वारा लागू बीट सिस्टम इस सफलता की बड़ी वजह माना जा रहा है।
-
2131 बीट में पूरा कमिश्नरेट विभाजित
-
941 बीट उपनिरीक्षक (BSI)
-
1431 बीट पुलिस अधिकारी (BPO)
तैनात हैं, जो 24×7 निगरानी और सूचना संग्रह का काम करते हैं।
कम्युनिटी पुलिसिंग का असर
बीट पुलिसिंग के जरिए:
-
स्थानीय लोगों से सीधा संपर्क
-
मुखबिर तंत्र मजबूत
-
रीयल-टाइम सूचना
मिल रही है, जिससे अपराधों की रोकथाम में मदद मिल रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला
यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है और इससे पहले भी इस नेटवर्क से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क को खत्म करने में जुटी हैं।
निष्कर्ष
गाजियाबाद पुलिस की यह कार्रवाई जमीनी स्तर की मजबूत पुलिसिंग का उदाहरण है।
समय रहते कार्रवाई कर एक बड़े खतरे को टाल दिया गया है।









