गाजियाबाद, 9 अक्टूबर की रात को सामने आए भाजपा की महिला पार्षद शीतल चौधरी पर कथित फायरिंग का मामला अब फर्जी साबित हुआ है। पुलिस की विस्तृत जांच में सामने आया है कि यह पूरी घटना पूर्व नियोजित साजिश थी, जिसे स्वयं पार्षद द्वारा रचा गया था।
पार्षद ने दावा किया था कि एनएच-24 (एनडीआरएफ रोड) पर बाइक सवार बदमाशों ने उनकी कार पर फायरिंग की, जिससे शीशा टूट गया। इस घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाया गया था।
हालांकि, दो महीने की जांच के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और बैलिस्टिक विश्लेषण के आधार पर स्पष्ट किया कि कोई वास्तविक फायरिंग नहीं हुई। कार से मिले गोली के टुकड़े रबर बुलेट पाए गए और घटनास्थल पर किसी अन्य वाहन की मौजूदगी भी रिकॉर्ड नहीं हुई।
पुलिस का बयान
मधुबन बापूधाम थाना प्रभारी के अनुसार, “यह सेल्फ-स्टेज्ड घटना है। पुलिस को गुमराह करने और झूठी सूचना देने के आरोप में पार्षद शीतल चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।”
पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने कहा कि फर्जी घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा में हलचल
मामले के खुलासे के बाद भाजपा संगठन में असहजता देखी जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
यह मामला न केवल गाजियाबाद की राजनीति बल्कि कानून व्यवस्था और झूठी शिकायतों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी फर्जी सूचना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।











