BPC न्यूज़ ब्यूरो – जेवर जहां एक तरफ आधुनिक एयरपोर्ट निर्माण वहीं दूसरी तरफ बदहाल चरमारती स्वास्थ सेवाए।
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BPC न्यूज़ ब्यूरो – जेवर जहां एक तरफ आधुनिक एयरपोर्ट निर्माण वहीं दूसरी तरफ बदहाल चरमारती स्वास्थ सेवाए।चिराग तले अंधेरा क्या होता है हम आपको बताते हैं जहां एक तरफ एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर में बनाया जा रहा है जिसे मोदी व योगी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जा रहा है।वही जेवर में स्वास्थ्य सेवाएं इतनी बढ़ाहल हैं कि इमरजेंसी के अंदर वार्ड बॉय सर्जरी कर रहे हैं पेशेंट का फोन की लाइटों के अंदर इलाज हो रहा है डॉक्टर उपलब्ध नहीं है।आखिर किस तरह का विकास है ?“मामला तब संज्ञान में आया जब गाजियाबाद की एक प्रतिष्ठित डॉक्टर मथुरा वृंदावन जाते वक्त एक मरीज के इलाज के लिए जेवर हॉस्पिटल पहुंच गए”रास्ट्र वादी जनसत्ता दल के चिकित्सा प्रभारी कल वृंदावन जाते हुए ज़ेवर हॉस्पिटल जो नोएडा के अन्तर्गत आता है एक कान के मरीज़ का इलाज कराने पहुँचे । जो पाया उसको देख कर सन्न रह गये।
वार्ड बॉय कान के ऑपरेशन को अंजाम दे रहे है और ऑपरेशन थिएटर में मरीज़ के अटेंडेंट मोबाइल से लाइट दिखा रहे है।ज़ेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास हो चुका है। ज़ेवर का नाम वर्ल्ड मैप पर है लेकिन ओ०टी० बेहाल है। साफ़ सफ़ाई तो दूर , लाइट का प्रबंध नहीं है। मरीज़ के कान से खून बह रहा था।वार्ड बॉय गंदे हाथ व गंदी रूई से कान को साफ़ कर रहा है । टिटनेस का इंजेक्शन तो था ही नहीं उसके साथ साथ रेबीज वैक्सीन के लिए भी लिखा था ख़त्म हो गई है।“इंटरनेशनल फेम ज़ेवर अहसाय लग रहा था”क्या कमल के फूल पर चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी इस अस्पताल की और ध्यान देंगे ?
चिराग तले अंधेरा क्या होता है हम आपको बताते हैं जहां एक तरफ एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर में बनाया जा रहा है जिसे मोदी व योगी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जा रहा है।
वही जेवर में स्वास्थ्य सेवाएं इतनी बढ़ाहल हैं कि इमरजेंसी के अंदर वार्ड बॉय सर्जरी कर रहे हैं पेशेंट का फोन की लाइटों के अंदर इलाज हो रहा है डॉक्टर उपलब्ध नहीं है।
आखिर किस तरह का विकास है ?
“मामला तब संज्ञान में आया जब गाजियाबाद की एक प्रतिष्ठित डॉक्टर मथुरा वृंदावन जाते वक्त एक मरीज के इलाज के लिए जेवर हॉस्पिटल पहुंच गए”
रास्ट्र वादी जनसत्ता दल के चिकित्सा प्रभारी कल वृंदावन जाते हुए ज़ेवर हॉस्पिटल जो नोएडा के अन्तर्गत आता है एक कान के मरीज़ का इलाज कराने पहुँचे । जो पाया उसको देख कर सन्न रह गये।
वार्ड बॉय कान के ऑपरेशन को अंजाम दे रहे है और ऑपरेशन थिएटर में मरीज़ के अटेंडेंट मोबाइल से लाइट दिखा रहे है।
वार्ड बॉय कान के ऑपरेशन को अंजाम दे रहे है और ऑपरेशन थिएटर में मरीज़ के अटेंडेंट मोबाइल से लाइट दिखा रहे है।
ज़ेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास हो चुका है। ज़ेवर का नाम वर्ल्ड मैप पर है लेकिन ओ०टी० बेहाल है। साफ़ सफ़ाई तो दूर , लाइट का प्रबंध नहीं है। मरीज़ के कान से खून बह रहा था।
वार्ड बॉय गंदे हाथ व गंदी रूई से कान को साफ़ कर रहा है । टिटनेस का इंजेक्शन तो था ही नहीं उसके साथ साथ रेबीज वैक्सीन के लिए भी लिखा था ख़त्म हो गई है।
“इंटरनेशनल फेम ज़ेवर अहसाय लग रहा था”
क्या कमल के फूल पर चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी इस अस्पताल की और ध्यान देंगे ?












