“श्री राम होंगे बच्चों के आदर्श”
BPC न्यूज़ ब्यूरो – राजनगर स्थित नारायणा ई- टेक्नो स्कूल में वार्षिक उत्सव पूरे हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया गया!
स्कूल के विद्यार्थियों ने संपूर्ण ”रामायण” का नाट्य-रूप का मंचन किया। नाटक में श्रीराम के वनगमन से लेकर अयोध्या आगमन तक के प्रसंग को मंच पर कक्षा नर्सरी से बारहवीं तक के छात्र एवं छात्राओं ने प्रभावशाली अभिनय एवं नृत्य के साथ प्रस्तुत किया।
जिसमें कैकेयी द्वारा राजा दशरथ से
श्रीराम का 14 वर्ष के लिए वनवास भेजने का वर मांगना
अपने पुत्र भरत को राजा बनाने की बात कहना
सूर्पनखा का लक्ष्मण के द्वारा नाक-कान काटना
माता सीता का रावण द्वारा हरण
वीर हनुमान के द्वारा माता सीता की खोज करना
श्री राम सेतु निर्माण और श्री राम के द्वारा रावण-वध के उपरांत अयोध्या आगमन को सिलसिलेवार ढंग से नाटक में प्रस्तुत कर प्रशंसा बटोरी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री डी०पी०यादव जी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे, इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती योगिता कपिल, संकायाध्यक्ष श्री मनीषकांत जी, उपप्रधानाचार्या श्रीमती प्रियंका विश्नोई, श्रीमती नेहा सिंह, श्रीमती रेवा सहित कई अन्य गणमान्य अतिथिगण भी मौजूद रहे।
बच्चों के नृत्य, अभिनय और भक्ति गीतों ने संपूर्ण परिसर को भक्तिमय बना दिया। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती योगिता कपिल जी ने अपने ज्ञापन में कहा कि बुराई के रास्ते चलने वाले का सर्वनाश होना निश्चित है।
श्री रामायण का हर अध्याय तन-मन को शुद्ध करते हुए संपूर्ण वातावरण, आचार- विचार एवं चरित्र को पवित्र करता है। उन्होंने कहा कि रामायण का सार अधर्म पर धर्म की और असत्य पर सत्य की जीत को स्मरण कराता है और एक आदर्श एवं सुंदर समाज बनाने के लिए हमें प्रेरित करता है।

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“श्री राम होंगे बच्चों के आदर्श”
BPC न्यूज़ ब्यूरो – राजनगर स्थित नारायणा ई- टेक्नो स्कूल में वार्षिक उत्सव पूरे हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया गया!स्कूल के विद्यार्थियों ने संपूर्ण ”रामायण” का नाट्य-रूप का मंचन किया। नाटक में श्रीराम के वनगमन से लेकर अयोध्या आगमन तक के प्रसंग को मंच पर कक्षा नर्सरी से बारहवीं तक के छात्र एवं छात्राओं ने प्रभावशाली अभिनय एवं नृत्य के साथ प्रस्तुत किया। जिसमें कैकेयी द्वारा राजा दशरथ से श्रीराम का 14 वर्ष के लिए वनवास भेजने का वर मांगनाअपने पुत्र भरत को राजा बनाने की बात कहना सूर्पनखा का लक्ष्मण के द्वारा नाक-कान काटनामाता सीता का रावण द्वारा हरणवीर हनुमान के द्वारा माता सीता की खोज करना श्री राम सेतु निर्माण और श्री राम के द्वारा रावण-वध के उपरांत अयोध्या आगमन को सिलसिलेवार ढंग से नाटक में प्रस्तुत कर प्रशंसा बटोरी।बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री डी०पी०यादव जी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे, इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती योगिता कपिल, संकायाध्यक्ष श्री मनीषकांत जी, उपप्रधानाचार्या श्रीमती प्रियंका विश्नोई, श्रीमती नेहा सिंह, श्रीमती रेवा सहित कई अन्य गणमान्य अतिथिगण भी मौजूद रहे। बच्चों के नृत्य, अभिनय और भक्ति गीतों ने संपूर्ण परिसर को भक्तिमय बना दिया। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती योगिता कपिल जी ने अपने ज्ञापन में कहा कि बुराई के रास्ते चलने वाले का सर्वनाश होना निश्चित है। श्री रामायण का हर अध्याय तन-मन को शुद्ध करते हुए संपूर्ण वातावरण, आचार- विचार एवं चरित्र को पवित्र करता है। उन्होंने कहा कि रामायण का सार अधर्म पर धर्म की और असत्य पर सत्य की जीत को स्मरण कराता है और एक आदर्श एवं सुंदर समाज बनाने के लिए हमें प्रेरित करता है। रावण भले ही प्रकांड विद्वान, धनवान और बलवान था किंतु अहंकार और व्यभिचार जैसी बुराइयों ने उसके नाश में अहम भूमिका निभाई, इस अवसर पर कई लोग गणमान्य लोग, शिक्षक, अभिभावकगण और विद्यार्थी मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गान के साथ हुआ।









