अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा (पंजीकृत), जनपद गाजियाबाद ने मध्य प्रदेश के एक प्रांतीय संगठन के हालिया अधिवेशन में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संतोष वर्मा (आईएएस) द्वारा कथित रूप से दिए गए बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। महासभा का कहना है कि इस बयान से ब्राह्मण समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और सामाजिक असंतोष की स्थिति उत्पन्न हुई है।
महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने 27 नवंबर 2025 को जिलाधिकारी गाजियाबाद के माध्यम से माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें आईएएस अधिकारी के विरुद्ध कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है।

कानूनी कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का यह कर्तव्य है कि वह अपने वक्तव्यों से सामाजिक सद्भाव और सामंजस्य को बनाए रखे। महासभा ने मांग की है कि श्री संतोष वर्मा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा-196 के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए, जो विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने से संबंधित है।
इसके साथ ही विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की गई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी
महासभा ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि समयबद्ध और पारदर्शी कार्रवाई नहीं होती है तो संगठन शांतिपूर्ण लेकिन व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका विश्वास संविधान और न्याय व्यवस्था में है, लेकिन सामाजिक सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता।
प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल
महासभा का कहना है कि यह मामला केवल एक समुदाय की भावना से नहीं, बल्कि प्रशासनिक गरिमा और सामाजिक सौहार्द से भी जुड़ा है। आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।










