मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष वर्मा के कथित विवादास्पद बयान के विरोध में विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर बी.के. शर्मा ‘हनुमान’ ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने जिलाधिकारी गाजियाबाद को संबोधित खुले पत्र में अधिकारी के बयान की निंदा करते हुए गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग की है।

महासभा का कहना है कि आरक्षण को लेकर दिया गया कथित बयान महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध है और समाज में आक्रोश पैदा करने वाला है। शर्मा ने इसे न केवल ब्राह्मण समाज बल्कि समस्त नारी समाज के लिए अपमानजनक बताया।
हालांकि, महासभा की ओर से की गई एक विवादित और उग्र घोषणा ने भी नए विवाद को जन्म दे दिया है, जिस पर कई सामाजिक संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने नाराजगी जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की भाषा न केवल सामाजिक सौहार्द बिगाड़ती है, बल्कि कानून के दायरे में भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकती है।

बी.के. शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो महासभा देशव्यापी आंदोलन करेगी। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई सामाजिक संगठनों ने भी इस पूरे मामले को महिलाओं की गरिमा और प्रशासनिक मर्यादा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा को प्रोत्साहित करना या किसी व्यक्ति के विरुद्ध इनाम घोषित करना कानूनन अपराध है और कार्रवाई योग्य है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की समीक्षा की जा रही है।











