मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में “बिल लाओ-इनाम पाओ” योजना के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि इस योजना ने राज्य के राजस्व संग्रहण को नई चेतना, नया दृष्टिकोण और नई ऊर्जा प्रदान की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2022 में शुरू की गई यह योजना राज्य सरकार का एक अभिनव प्रयास था, जिसका उद्देश्य जनभागीदारी को राजस्व प्रणाली से जोड़ना था। तीन वर्षों में इस योजना ने जनता के बीच बिल लेने की आदत को बढ़ावा देकर पारदर्शिता और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा:
“जब जनता सरकार पर विश्वास करती है और सरकार पारदर्शी ढंग से कार्य करती है, तब विकास स्वतः कई गुना बढ़ जाता है। हर नागरिक को चाहिए कि वह हर खरीदारी पर बिल जरूर मांगे।”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी बताया कि उत्तराखंड ने “राजकोषीय अनुशासन” को सुदृढ़ किया है, जिससे राज्य राजकोषीय घाटे को निर्धारित सीमा के भीतर रखने में सफल रहा है। हाल ही में जारी Arun Jaitley National Institute of Financial Management की रिपोर्ट में उत्तराखंड को देश के सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन वाले राज्यों में शामिल किया गया है।
योजना के तहत प्रदान किए गए प्रमुख पुरस्कार
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02 ईवी कार
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16 पेट्रोल कार
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20 ईवी स्कूटर
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50 बाइक
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100 लैपटॉप
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200 स्मार्ट टीवी
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500 टैबलेट
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1000 माइक्रोवेव
प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने बताया कि योजना के तहत 90,000 उपभोक्ताओं ने ₹270 करोड़ मूल्य के 6.5 लाख बिलों के साथ भागीदारी की।
आयुक्त कर सोनिका ने जानकारी दी कि कुल 1,888 लोगों को पुरस्कार प्रदान किए गए, साथ ही 17 महीनों तक हर माह 1,500 मासिक पुरस्कार भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में विधायक सरिता कपूर, अपर आयुक्त अनिल सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।











